Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

शहीद अंकेश की पार्थिव देह पैतृक गांव पहुंची, पिता ने कोट, पेंट, टाई और पगड़ी पहन किया स्वागत

शहीद अंकेश की पार्थिव देह पहुंची पैतृक गांव, पिता ने कोट, पेंट, टाई और पगड़ी पहन किया बेटे का स्वागत

बिलासपुर|
अरुणाचल प्रदेश हिमस्खलन में शहीद हुए बिलासपुर जिले के सेऊ गांव के 22 वर्षीय 19 जैक राइफलमैन अंकेश भारद्वाज की पार्थिव देह रविवार को उनके पैतृक जिले बिलासपुर पहुंच गई। जैसे ही पार्थिव देह घर पहुंची बैंड बाज के साथ उनका स्वागत किया गया। पिता ने भी बेटे के स्वागत के लिए पगड़ी पहन ली थी। पिता की इच्छा थी कि जब बेटे का शव घर पहुंचे तो उसका स्वागत बैंड बाजों के साथ किया जाए।

देश के लिए बलिदान देने वाले बिलासपुर जिले के सेऊ गांव के जांबाज सैनिक अंकेश भारद्वाज की पार्थिव देह शनिवार को पठानकोट एयरबेस पहुंची। गई। यहां पर अंकेश को सलामी देने के बाद दोपहर करीब साढ़े 12 बजे घर के लिए रवाना किया गया। पठानकोट से करीब छह घंटे के सफर के बाद अंकेश की पार्थिव देह पैतृक घर पहुंचनी थी, लेकिन रात के समय पार्थिव देह घर न लाने का फैसला लेते हुए पिता ने सुबह लाने की बात कही।

इसे भी पढ़ें:  HPSSC Result 2024: विभिन्न श्रेणियों के 21 पोस्ट कोड के परिणाम घोषित करेगा राज्य चयन आयोग

अंकेश भारद्वाज के पिता बांचा राम की रात को बेटे को घर ना लाने की मांग पर प्रशासन ने हमीरपुर जिले में भोटा स्थित विश्रामगृह में अंकेश के पार्थिव देह को रखने की व्यवस्था की गई। शहीद अंकेश के पिता का कहना था कि उनके वीर बेटे को दिन के उजाले में घर लाया जाए, रात के समय उनके बेटे को वो वह सम्मान नहीं दे पाएंगे, जिस सम्मान का हकदार उनका बेटा है। अपने लाल को वो घर से बैंडबाजे के साथ दूल्हे के रूप में विदा करेंगे।

बता दें कि अंकेश की पार्थिव देह के घर पहुंचने से पहले ही पूरे घर में राष्ट्रीय ध्वज लगा दिए गए थे और घर को किसी शादी समारेह की तरह सजाया गया था। बड़ी संख्या में लोग घर के बाहर एकत्र थे। घर से ही शहीद के शव को राजकीय सम्मान के साथ मुक्तिधाम ले जाया जाएगा। शहीद के सम्मान में युवाओं ने तरघेल से तिरंगा यात्रा और बाइक रैली भी निकाली। इस दौरान शहीद अंकेश के लिए नारे भी लगाए गए।

इसे भी पढ़ें:  Himachal News: प्रदेश की खाली तिजोरियों को भरने के लिए, पर्यटन उद्योग पर लगा दिया टैक्स : खन्ना
YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल