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Pathaan Review: एक्शन, रोमांस और शाहरुख का स्वैग, देशभक्ति का जज्बा जाग देगी ‘पठान’

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Film review Pathaan अश्विनी कुमार: पठान फिल्म नहीं सेलिब्रेशन है। थियेटर्स में ऐसी तालियां, ऐसी सीटियां, ऐसे ठहाके और ऐसा जादू देखे अरसा गुजर गया। शाहरुख खान की पठान ने बॉक्स ऑफिस के जो रिकॉर्ड तोड़ने शुरू किए हैं, वो बस शुरुआत है। ये फिल्म अभी बहुत से कमाल दिखाएगी। सच कहें तो किंग खान ने अपने 4 साल लंबे ब्रेक को पठान से खत्म करने का जो फैसला किया है, वो इस फिल्म को देखने के बाद लगता है कि शाहरुख का सबसे सही फैसला है।

पठान में सब कुछ है एक्शन, रोमांस, स्वैग, शाहरुख़ और सलमान, फिर इन सबसे भी बढ़कर देशभक्ति का वो जज्बा, जो रिपब्लिक वीक में सबसे सिर चढ़कर बोलने वाला है।

पठान का जबरदस्त एक्शन

डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद ने पठान की कहानी को ऐसा बुना है कि आप इसके हर किरदार से जुड़ते चले जाते हैं। पठान कौन हैं, उसे पठान क्यों कहते हैं? ये ट्रैक तो इतना शानदार है कि इमोशनल भी होते हैं, और जोश में भी। आईएसआई एजेंट रूबिना उर्फ़ रूबाई की भी अपनी एक कहानी है। भारत की ही ख़ूफिया एजेंसी रॉ का ऑफिसर जिम है, जो अब अपने देश का ही दुश्मन बन चुका है। वो एक टेरेरिस्ट ऑर्गेनाइजेशन एक्स का चीफ़ है, जो दुनिया भर के सीक्रेट एजेंट को खुद में शामिल करके, कॉन्ट्रैक्ट में कत्लेआम करता है।

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जिम, जिसे हिंदुस्तानी फाइलों में शहीद मान लिया गया है, वीर चक्र दे दिया गया है, उसके गद्दार होने की भी ऐसी कहानी है, जो आपकी आंख़ों में आंसू ला देगी। कर्नल लूथरा, और रॉ चीफ़ बनी डिंपल कपाड़िया के कैरेक्टर्स की ऐसी बारीक डिटेलिंग की गई है कि पूछिए नहीं। पठान की सबसे बड़ी खूबी ये है कि आपको एक्शन, रोमांस, ग्लैमर के साथ पैट्रियाटज़्म का ऐसा सबक सिखाती है, कि कोई इस फिल्म की खिलाफ़त नहीं कर सकता। शाहरुख़ ख़ान के किरदार पठान का क्लाइमेक्स आख़िर में समझा जाता है कि एक सोल्ज़र ये नहीं पूछता कि देश ने उसके लिए क्या किया, बल्कि ये पूछता है कि उसने देश के लिए क्या किया।

पठान फिल्म की कहानी

पठान में ऐसे कई लम्हे हैं, जो आपको हैरान करते हैं। ऐसे कई लम्हे हैं, जो आपकी रगों का ख़ून दौड़ा देते हैं। सलमान ख़ान का कैमियो इन सबमें सबसे बड़ा हाई प्वाइंट है। सलमान और शाहरूख़ की ये जुगलबंदी यानि टाइगर-पठान का मिलन, करण-अर्जुन के बाद सबसे ज़बरदस्त कॉम्बीनेशन बना है। उनकी कैमराड्री पर आप सीटियां बजाते हैं। बातों-बातों में टाइगर पठान से वायदा लेता है कि वो एक बड़े मिशन पर जा रहा है, वहां पठान की ज़रूरत होगी और पठान वायदा करता है कि वो टाइगर-3 में आएगा। मतलब सिद्धार्थ आनंद ने YRF SPY UNIVERSE का ताना-बाना इस फिल्म में ऐसे बुना है, कि आपको पता है कि अगली फिल्म का प्रमोशन हो रहा है और आप उसे भी एंजॉय कर रहे हैं।

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बेशरम गाने में ऑरेंज बिकिनी बिल्कुल नहीं हटी है, बस कुछ सीन्स को बहुत खूबी से बदल दिया गया है। और ये बताना तो ज़रूरी है कि जब क्लाइमेक्स होता है, तो शाहरुख़ और सलमान ट्रेन के उपर बैठकर बातें करते हैं कि 30 साल हो गए हैं, अब नहीं होता, वो नई जेनरेशन के स्टार्स को अपनी जगह देने की बात करते हैं। और फिर ख़ान्स की उम्र पर निशाना साधने वाले हेटर्स पर निशाना साधते हैं कि – देश का सवाल है, ये बच्चों से नहीं होगा, उन्हे ही करना होगा।

ढाई घंटे की इस फिल्म में बस एक ही एक्शन सेक्वेंस ऐसा हैं, जो थोड़ा ओवर लगता हैं जिसमें दो हैलिकॉप्टर को खींचकर जॉन एक मूविंग वैगन से बांध देता है, लेकिन तालियां इस पर भी खूब बजती हैं। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर शानदार है, बेशरम रंग खूबसूरत है। क्लाइमेक्स के क्रेडिट्स में बज रहा, झूमे जो पठान तक आप कुर्सी की पेटी बांधे रखते हैं। यानि फुल पैसा वसूल मामला है।

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परफॉरमेंस पर आइए, तो शाहरुख़ ख़ान, वो जादू हैं जिन्होने पठान से सिनेमा में फिर से जान फूंक दी है और बता दिया है कि 2023 उन्ही का साल है। दीपिका पादुकोण पर आप सदके जाएंगे, मतलब इतनी ख़ूबसूरत दीपिका को देखकर आप हिप्नोटाइज़ हो जाएंगे और फिर दीपिका का एक्शन और उनके किरदार का दम भी बहुत ही शानदार है। जॉन तो पूछिए नहीं, विलेन इतना हैंडसम और इतना ख़तरनाक कैसे हो सकता है, ये उनसे सीखने की ज़रूरत है। डिंपल कपाड़िया, आशुतोष राणा सबके सब अपने-अपने रोल में शानदार हैं। जाइए पठान देखिए, क्योंकि पठान शाहरुख़ के कमबैक का सबसे शानदार तोहफ़ा है, जिसमें एंटरटेनमेंट की फोर टाइम गारंटी है।



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