Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बोले-इसी साल से चलाएंगे हाइड्रोजन ट्रेन, यात्रियों की आकांक्षाओं को करेंगे पूरा

[ad_1]

Union Budget 2023: केंद्रीय आम बजट 2023 आने के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ा बयान दिया है।उन्होंने कहा दिसंबर 2023 तक देश में हाइड्रोजन ट्रेन चलने लगेगी। आगे मीडिया को दिए बयान में वह बोले इसे भारत में डिजाइन और निर्मित किया जाएगा। सबसे पहले यह कालका-शिमला जैसे हेरिटेज सर्किट पर चलेगी। इसके बाद इसका विस्तार कर अन्य स्थानों पर भी इसे चलाने की योजना है।

1275 स्टेशनों का पुनर्विकास होगा

रेल मंत्री ने आगे बजट पर कहा कि इस बार रेलवे को करीब 2.41 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जिससे यात्रियों की आकांक्षाओं को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा इससे अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1275 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। वहीं, वंदे भारत ट्रेनों के उत्पादन को नया रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा, अब ICF चेन्नई के अलावा वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण हरियाणा के सोनीपत और महाराष्ट्र के लातूर में किया जाएगा और यह वंदे भारत ट्रेनों से हर कोने को जोड़ने के पीएम मोदी के सपने को पूरा करेगी।

रेलवे के इन प्रोजेक्ट पर होगा बजट खर्च

रेलवे बजट को इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और हाई स्पीड ट्रेनों को लाने में किया जाएगा। इसके अलावा नई रेलवे लाइनों को बिछाने, सेमी हाई स्पीड ट्रेनों की संख्या बढ़ाने पर भी काम हो रहा है। प्रमुख रेलवे प्रोजेक्ट्स में फिलहाल चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा सिंगल-आर्क रेलवे पुल बनाया जा रहा है। इसके अलावा दिल्ली से मेरठ के बीच वर्ष 2025 में रैपिड ट्रेन का परिचालन किया जाना है। जिसका काम जोर-शोर से चल रहा है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना, बइरबी-साईरंग नई लाइन रेलवे परियोजना समेत इस समय रेलवे के कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

इसे भी पढ़ें:  Ola-Uber की मनमानी पर लगेगी लगाम! सरकार ने कसी कमर



[ad_2]

Source link

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल