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मध्यप्रदेश में 53 हजार सैलरी पाने वाले शख्स को इनकम टैक्स ने भेजा 113 करोड़ का नोटिस, मामला जानकर होश उड़ जाएंगे

Published on: 7 April 2023
Income Tax

MP News: हर महीने 53 हजार रुपए कमाने वाले एक शख्स को आयकर विभाग ने 132 करोड़ के कथित लेनदेन के लिए 113.83 करोड़ का डिमांड नोटिस भेजा है। नोटिस देखकर युवक के होश उड़ गए हैं। उसने पुलिस से शिकायत की है। यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के भिंड जिले का है।

पीड़ित का नाम रवि गुप्ता है। खास बात यह है कि रवि को आयकर विभाग से दूसरी बार इस तरह का नोटिस मिला है। 2019 में पहली बार 3.9 करोड़ रुपए का नोटिस मिला था, उस वक्त उनकी कमाई हर महीने सिर्फ सात हजार थी। पीएमओ से क्लीनचिट मिली थी। अब आयकर विभाग के नए फेसलैस प्रोसिडिंग्स सिस्टम ने पेनाल्टी को 100 गुना से भी ज्यादा बढ़ा दिया है।

आईटी ने बताया हीरा कंपनी के प्रमोटर

आयकर विभाग के अनुसार भिंड के रहने वाले रवि गुप्ता सूरत और मुंबई में एक फर्म के रूप में पंजीकृत एक हीरा-व्यापारिक कंपनी टिया ट्रेडर्स के प्रमोटर हैं। विभाग ने यह भी कहा कि गुप्ता के पास टिन नंबर और मुंबई के मलाड में एक्सिस बैंक में खाता भी है।

हालांकि, रवि गुप्ता का दावा है कि पैन कॉपी और उनकी तस्वीर के अलावा और कुछ भी उनका नहीं है। वह एक बड़े धोखाधड़ी रैकेट का शिकार हैं।

2019 में पहली बार मिला था नोटिस

रवि गुप्ता ने कहा कि सबसे पहले उन्हें 2019 में आयकर विभाग से एक नोटिस मिला था। जिसमें उन्हें 2011-12 के लिए 3.49 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि वह तब इंदौर में एक बीपीओ में काम कर रहे थे और केवल सात हजार रुपये मासिक वेतन था।

उन्होंने कहा कि उस समय मैंने सोचा कि आयकर विभाग ने गलती से उन्हें नोटिस भेज दिया है और विभाग को इसे ठीक करने के लिए कहा। लेकिन जब मुझे फिर से 1.13 करोड़ रुपये का नोटिस मिला तो मैं चौंक गया। पिछले पांच वर्षों से दस्तावेज को सही कराने का प्रयास कर रहा हूं। ईडी, सीबीआई में शिकायतें भी दर्ज हैं। लेकिन जांच आगे बढ़ाई नहीं गई।

सीबीआई ने ईओडब्ल्यू को भेजी शिकायत

रवि गुप्ता ने कहा कि सीबीआई भोपाल कार्यालय ने उनकी शिकायत आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ग्वालियर को भेज दी है। उन्होंने कहा कि अब उनके पास नोटिस के खिलाफ अपील करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। ये नोटिस मेरे लिए मानसिक प्रताड़ना से कम नहीं हैं। मेरे जैसे और भी कई हो सकते हैं।

रवि गुप्ता का कहना हैकि उनके बीपीओ के दो साथियों कपिल शुक्ला और खंडवा के प्रवीण राठौर को 2011-12 के लिए इसी तरह का आईटी नोटिस मिला था।

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