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चीन के साथ सीमा विवाद के बीच अरुणाचल जाएंगे अमित शाह

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Amit Shah Arunachal Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 10 और 11 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश का दौरा करने वाले हैं। यहां वे भारत-चीन सीमा से लगे किबिथू एक में ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ की शुरुआत करेंगे। बता दें कि भारत और चीन के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा विवादों और चीन की ओर से अरुणाचल के 11 जगहों के नाम बदलने के बीच अमित शाह का ये दौरा प्रस्तावित है।

गृह मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि केंद्र ने 4,800 करोड़ रुपये के ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम’ (वीवीपी) को मंजूरी दी है, जिसमें वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 के लिए विशेष रूप से सड़क संपर्क के लिए 2,500 करोड़ रुपये शामिल हैं।

सीमावर्ती भारत में भाजपा का उद्देश्य

‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम’ (वीवीपी) केंद्र सरकार की ओर से प्रायोजित योजना है जिसमें अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख राज्यों में उत्तरी सीमा से सटे 19 जिलों के 46 ब्लॉकों में 2,967 गांवों को व्यापक विकास के लिए चिन्हित किया गया है। पहले चरण में प्राथमिकता कवरेज के लिए आंध्र प्रदेश में 455 सहित 662 गांवों की पहचान की गई है।

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‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ क्या है?

वीवीपी का उद्देश्य पहचान किए गए सीमावर्ती गांवों में स्थानीय लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है और उन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने स्थानों के लिए प्रोत्साहित करना है। इसका उद्देश्य इन गांवों से पलायन की जांच करना और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा को बढ़ाना भी है।

ब्लॉक और पंचायत स्तरों की सहायता से जिला प्रशासन गांवों के लिए कार्य योजना तैयार करेगा ताकि केंद्रीय और राज्य योजनाओं की 100 प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित की जा सके।

विकासशील गांवों के लिए फोकस क्षेत्रों में सड़क संपर्क, पेयजल, सौर और पवन ऊर्जा सहित बिजली, मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी, पर्यटन केंद्र, बहुउद्देश्यीय केंद्र और स्वास्थ्य देखभाल बुनियादी ढांचा और कल्याण केंद्र शामिल हैं।

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10 अप्रैल को शाह 9 पनबिजली प्रोजेक्ट्स का करेंगे उद्घाटन

अमित शाह 10 अप्रैल को किबिथू में “स्वर्ण जयंती सीमा रोशनी कार्यक्रम” के तहत निर्मित राज्य सरकार की 9 सूक्ष्म पनबिजली परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। वह सीमावर्ती जिलों में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी देखने जाएंगे।

इसके अलावा अमित शाह लिकाबाली (अरुणाचल प्रदेश), छपरा (बिहार), नूरानद (केरल) और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) में बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। गृह मंत्री अरुणाचल प्रदेश के अंजाव जिले के किबिथू में आईटीबीपी कर्मियों से भी बातचीत करेंगे। गृह मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि 11 अप्रैल को वह नमती मैदान जाएंगे और वालेंग युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

चीन ने अरुणाचल के 11 जगहों के बदले थे नाम, भारत ने दिया था जवाब

बता दें कि चीन की ओर से 4 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश में 11 स्थानों का नाम बदलने के बाद भारत ने अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगहों के नाम बदलने के बीजिंग के कदम को सिरे से खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा है कि अरुणाचल भारत का एक अभिन्न अंग है।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हमने ऐसी रिपोर्ट देखी हैं। यह पहली बार नहीं है जब चीन ने इस तरह का प्रयास किया है। हम इसे सिरे से खारिज करते हैं। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविच्छेद्य अंग है, और रहेगा। इन नए नामों को निर्दिष्ट करने का प्रयास इस वास्तविकता को नहीं बदल सकता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी चीन की इस हरकत पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की थी। व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने अरुणाचल प्रदेश को भारत के अभिन्न अंग के रूप में मान्यता दी है। इलाकों का नाम बदलकर क्षेत्रीय दावों को आगे बढ़ाने के किसी भी एकतरफा प्रयास का अमेरिका विरोध करता है।

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