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एमएमयू अस्पताल का कारनामा, जिंदा व्यक्ति को मृत किया घोषित

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-पोते का संदेह हुआ सच, पीपीई किट में बंद शव उसके दादा का नहीं निकला
-एमएमयू प्रशासन ने किसी अनजान बुजुर्ग का शव दूसरे परिवार के सुर्पुद कर दिया

प्रजासत्ता| सोलन
कोविड के इस भयंकर दौर में सोलन के एक नामी निजी अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई हैं। अस्पताल प्रशासन ने कोरोना संक्रमण से हुई एक बुजुर्ग व्यक्ति का शव उसके असली परिजनों को न सौंप दूसरे परिवार के सुपुर्द कर दिया। शोकाकुल परिजन भी शव को अंतिम दाहसंस्कार के लिए सोलन के चंबाघाट स्थित शमशानघाट में ले आए। अभी अंतिम दाहसंस्कार की रस्में ही की जा रही थी कि पोते ने पीपीई किट में बंद दादा के अंतिम दर्शन के लिए किट खोली। परंतु पीपीई किट में शव उसके दादा का न होकर किसी दूसरे बुजुर्ग का निकला। इसके बाद परिजनों ने चंबाघाट शमशानघाट परिसर में अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई प्रश्र खड़े किए।

जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत मशीवर के रहने वाले करीब 87 वर्षीय बुजुर्ग केवल राम की गत दिनों अचानक तबीयत खराब हुई तो परिजन उसे उपचार के लिए सोलन ले आए। यहां जांच करने पर पता चला कि केवल राम को कोरोना संक्रमण ने जकड़ लिया हैं और उनकी कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद बुजुर्ग को सोलन के निजी एमएमयू अस्पताल में दाखिल किया गया,जहां उसे उपचार दिया जा रहा हैं।

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रविवार की प्रात: करीब साढ़े पांच बजे केवल राम के पोते संदीप ठाकुर को एमएमयू अस्पताल से सूचना दी गई कि उनके दादा केवल राम का निधन हो गया है और वह शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाए। इसके बाद पोता संदीप चुनिंदा लोगों के साथ एमएमयू अस्पताल पहुंचा और दादा के शव को रिसीव किया। हालांकि पोते संदीप ठाकुर ने शव को रिसीव करने से पूर्व उसकी पहचान करने के लिए अस्पताल प्रशासन से गुजारिश की,लेकिन किसी ने उसकी एक नहीं सुनी और पीपीई किट में बंद शव उसके सुर्पुद कर दिया।

इसके बाद पोता संदीप ठाकुर अपने दादा का शव लेकर सोलन के चंबाघाट स्थित शमशानघाट पर पहुंचा,जहां कुछ अन्य सगे संबंधि और पुरोहित भी दाह संस्कार के लिए पहुंचे थे। अभी दाह संस्कार की रस्मे हो रही थी कि पोते संदीप ठाकुर और जगदीश ठाकुर ने दादा के अंतिम दर्शन करने के लिए पीपीई किट को खोला। जैसे ही पीपीई किट को शव की पहचान के लिए खोला तो कुछ क्षण के लिए दोनों पोतों की आंखे कुछ क्षण के लिए फटी की फटी ही रह गई। पीपीई किट में बंद शव उसके दादा की बजाए किसी अनजान बुजुर्ग का निकला।

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इसके बाद दोनों पोतों संदीप ठाकुर और जगदीश ठाकुर ने इसकी सूचना जिला प्रशासन के अधिकारियों को दी तथा शमशानघाट पर निजी अस्पताल प्रशासन को कोसना शुरू कर दिया। सूचना के बाद एसडीएम सोलन,तहसीलदार व सीएमओ सोलन मौके पर पहुंचे और जैसे-तैसे मामले को शांत करवाने का प्रयास किया। इसके बाद अनजान बुजुर्ग के शव को प्रशासनिक अधिकारी चंबाघाट शमशानघाट से वापस ले गए। साथ ही एमएमयू अस्पताल में उपचाराधीन केवलराम का पता लगाने का प्रयास किया।

काफी छानबीन के बाद पता चला कि केवलराम अस्पताल में ठीक हैं और उन्हें ऑक्सीजन लगी हैं। बतां दे कि जिस परिवार को अनजान बुजुर्ग व्यक्ति का शव सौंपा गया था उस परिवार में पिछले पंद्रह दिन के भीतर दो महिलाओं की पहले ही मौत हो चुकी है। हालांकि दोनों महिलाओं की मौत मौत किसी अन्य बीमारियों के चलते हुई है तथा इस परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा हैं। जगदीश ठाकुर के मुताबिक आज भी वह अपनी ताई की हस्तियां हरिद्वार में विसर्जित कर लौटे हैं।

पोते जगदीश ठाकुर ने फफकते हुए कहा कि एक तरफ तो उन पर मुसीबतों का पहाड़ टूटा है,वहीं अस्पताल प्रशासन ने उनके जिंदा दादा को मृत घोषित कर किसी अन्य अनजान बुजुर्ग का शव उन्हें सौंप कर उनके दुखों को कई गुणा बढ़ाया हैं। अस्पताल प्रशासन की इस बड़ी लापरवाही की वजह से एक साथ दो परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन इस तरह के मामलों की पुर्नावृति को रोके। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन द्वारा इस मामले में क्या कार्रवाही अमल में लाई जाएगी। हालांकि जैसे ही संदीप तथा जगदीश को पता चला कि उनका दादा अभी जीवित हैं तो शोकाकुल परिवार को राहत मिली हैं।

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उधर एमएमयू अस्पताल के उपचिकित्सा अधीक्षक डा. मनप्रीत सिंह ने संपर्क करने पर कहा कि दोनों मरीजों के नाम एक जैसे होने के कारण गलती से शव दूसरे परिजनों को सौंपा गया हैं। भविष्य में ऐसी गलती न हो इसके लिए बेंड व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है। अस्पताल प्रशासन कोविडकाल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का हर संभव प्रयास कर रहा है।

ऐसी जानकारी मिली है तथा प्रशासन अपने स्तर पर जांच कर रहा है। यदि ऐसा हुआ है तो निजी अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगा जाएगा। कोविड पीडि़त रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
केसी चमन, उपायुक्त सोलन

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