Kullu JE Murder Case: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में जल शक्ति विभाग के जेई लाभ सिंह गुलेरिया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम ने बड़ा पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस हत्याकांड के सिलसिले में एक सरकारी डॉक्टर दंपति समेत एक ही परिवार के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ढालपुर क्षेत्रीय अस्पताल में तैनात एक महिला डॉक्टर, लाहौल-स्पीति में पदस्थ उनके पति, ससुर और देवर शामिल हैं।
पुलिस द्वारा इस मामले में वैधानिक कार्रवाई जारी है और जल्द ही चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए एसपी कुल्लू मदन लाल कौशल ने बताया कि 24 जुलाई को परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू की थी। गंभीर रूप से घायल जेई लाभ सिंह गुलेरिया की 26 जुलाई को इलाज के दौरान एम्स बिलासपुर में मौत हो गई, जिसके बाद मामले में दर्ज प्राथमिकी में हत्या की धारा जोड़ दी गई।

वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया, जिसने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के गहन विश्लेषण के आधार पर 29 जुलाई को चारों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटनारूम का ब्योरा देते हुए पुलिस ने बताया कि 24 जुलाई की रात जल शक्ति विभाग के जेई लाभ सिंह गुलेरिया कुल्लू के गांधीनगर इलाके में नाले के पास अत्यंत गंभीर अवस्था में पड़े मिले थे।
मृतक की पत्नी द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, देर रात तक जब लाभ सिंह घर नहीं लौटे तो उन्होंने फोन पर संपर्क किया। उस दौरान लाभ सिंह ने परिजनों को बताया था कि पीरड़ी क्षेत्र में एक सड़क हादसा हो गया है और वे कुछ ही देर में घर पहुंच जाएंगे। हालांकि, काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वे घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, जिसके बाद वे गांधीनगर में लहूलुहान स्थिति में मिले। उन्हें तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए एम्स बिलासपुर रेफर कर दिया गया, जहां 26 जुलाई को उन्होंने दम तोड़ दिया।
एसआईटी ने मामले को सुलझाने के लिए घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की। मृतक के कॉल डिटेल की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जेई लाभ सिंह की संबंधित महिला डॉक्टर से नियमित बातचीत होती थी। इस मुख्य सुराग के आधार पर एसआईटी ने महिला डॉक्टर से गहन पूछताछ शुरू की। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने डॉक्टर के घर पर काम करने वाली महिला से भी बयान दर्ज किए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि जेई का उस घर में नियमित आना-जाना था। इन साक्ष्यों के आधार पर जब संदिग्धों से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो पूरी वारदात का सच सामने आ गया।
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला डॉक्टर के परिजनों को जेई लाभ सिंह गुलेरिया और महिला डॉक्टर के बीच कथित अवैध संबंधों का संदेह था। इसी रंजिश के चलते 24 जुलाई को महिला डॉक्टर ने फोन कर जेई लाभ सिंह को पाइप चेक करने का बहाना बनाकर अपने निवास पर बुलाया। घर पहुंचने पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर महिला के पति, देवर और ससुर ने मिलकर जेई के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की, जिससे वे अत्यधिक गंभीर रूप से घायल हो गए। मारपीट के पश्चात आरोपी उन्हें गंभीर हालत में दफ्तर के पास सड़क किनारे फेंककर मौके से फरार हो गए।
जांच में यह तथ्य भी उजागर हुआ है कि अपराध को छिपाने के उद्देश्य से घटना के बाद घर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज डिलीट कर दिए गए थे। इतना ही नहीं, महिला डॉक्टर ने सबूत मिटाने की नीयत से अपने देवर को डीवीआर (DVR) बदलने के निर्देश भी दिए थे ताकि पुलिस के हाथ कोई ठोस साक्ष्य न लग सके। इसके बावजूद, एसआईटी ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए आरोपियों के मंसूबों को नाकाम कर दिया और चारों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में अग्रिम कानूनी जांच में जुटी हुई है।
















