Jairam Thakur Sukhu Vigilance Allegations: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्य करने का गंभीर आरोप लगाया है। मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में मिली हार के बाद मुख्यमंत्री बौखलाहट में हैं। यही वजह है कि सरकार अधिकारियों और राज्य विजिलेंस विभाग का इस्तेमाल करके भाजपा नेताओं को निशाना बना रही है।
जयराम ठाकुर ने दावा किया कि विजिलेंस का उपयोग केवल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने और सरकार की अपनी विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने का यह प्रयास पूरी तरह से निंदनीय है और भारतीय जनता पार्टी ऐसे कदमों से डरने वाली नहीं है।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि इस वर्ष मार्च महीने में विजिलेंस को सूचना का अधिकार यानी आरटीआई के दायरे से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद से मनगढ़ंत शिकायतों के आधार पर भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। जो भी व्यक्ति सरकार की नीतियों या निर्णयों के खिलाफ आवाज उठाता है, उसके विरुद्ध तुरंत जांच बिठा दी जाती है। उन्होंने खुलासा किया कि सरकार के ही एक मंत्री के खिलाफ भी विजिलेंस जांच के आदेश जारी हुए थे, लेकिन मामला पार्टी आलाकमान तक पहुंचने के बाद उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा नेताओं को डराने-धमकाने की यह कोशिश कभी सफल नहीं होगी। मुख्यमंत्री पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के ही एक पदाधिकारी ने उन पर गंभीर आरोप लगाए थे, लेकिन सरकार ने उसकी कोई निष्पक्ष जांच नहीं कराई। उन्होंने कहा कि यदि आरोप निराधार हैं, तो संबंधित मामलों की पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए।
आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने राजनीतिक कारणों से भाजपा नेताओं के साथ-साथ उनके परिजनों को भी निशाना बनाया है। इस दौरान उन्होंने सुधीर शर्मा, होशियार सिंह, केएल ठाकुर, आशीष शर्मा, राजेंद्र राणा, चैतन्य शर्मा, रवि ठाकुर, देवेंद्र भुट्टो और इंद्र दत्त लखनपाल सहित कई प्रमुख नेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाइयों का उल्लेख किया और इसे विशुद्ध रूप से प्रतिशोध की राजनीति करार दिया।
उत्तर भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्री से संबंधित दावों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यदि सरकार को संबंधित एनजीओ की रिपोर्ट गलत या भ्रामक लगती है, तो उसे उस संस्था के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए, न कि इसका दोष भाजपा पर मढ़ना चाहिए। इसके अलावा, जयराम ठाकुर ने संसद में ‘वंदे मातरम्’ के अपमान के विरुद्ध कानून पारित होने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत के स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रभक्ति और बलिदान का प्रतीक है और इसका सम्मान करना हर भारतीय का राष्ट्रीय कर्तव्य है।


















