Shimla Police Constable Suspension Controversy: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पुलिस कांस्टेबल दिनेश कुमार के निलंबन का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। इस पूरे प्रकरण में कांस्टेबल के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद अब पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर परिजनों के आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद करार दिया है।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि विभाग में अनुशासन बनाए रखना सर्वोपरि है और इस मामले में कार्रवाई पूरी तरह से निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप की जा रही है। एसएसपी कार्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद 30 अप्रैल 2026 का है। कालरा धार क्षेत्र, जो पुलिस थाना कुपवी और पुलिस थाना चौपाल की सीमा के पास स्थित है, में एक घटना घटी थी।

इस घटना के संबंध में तत्कालीन एसएचओ चौपाल और कांस्टेबल दिनेश कुमार के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच एसडीपीओ ठियोग को सौंपी गई, जो उस समय एसडीपीओ चौपाल का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाल रहे थे। जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि घटना के दौरान तत्कालीन एसएचओ चौपाल और कांस्टेबल दिनेश कुमार ने कुछ स्थानीय नागरिकों के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया था।
इतना ही नहीं, जांच में यह भी पाया गया कि दोनों पुलिसकर्मियों ने संबंधित व्यक्तियों से उनके पैसे और सामान छीन लिए थे तथा उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी थी। यह जांच रिपोर्ट 6 जून 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय शिमला को प्राप्त हुई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर 7 जून 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा कार्रवाई शुरू की गई। तत्कालीन एसएचओ चौपाल को प्रभारी होने के नाते कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और बाद में उन्हें पुलिस लाइन कैथू हाजिर कर दिया गया।
वहीं कांस्टेबल दिनेश कुमार को शुरुआत में कोई कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया गया और न ही विभागीय कार्रवाई की गई, बल्कि उन्हें केवल कुछ समय के लिए पुलिस थाना चौपाल से पुलिस थाना ननखड़ी ड्यूटी के लिए भेजा गया था। विभाग द्वारा दिए गए आदेश के बावजूद कांस्टेबल दिनेश कुमार ने तत्काल पुलिस थाना ननखड़ी में रिपोर्ट नहीं की।
आदेश जारी होने के दो सप्ताह बाद 21 जून 2026 को वह ननखड़ी में ड्यूटी पर पहुंचे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दिनेश कुमार पिछले 5 वर्षों की लंबी अवधि से एक ही स्थान यानी थाना चौपाल में ही तैनात रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपनी ड्यूटी डिप्लॉयमेंट रुकवाने और मनपसंद स्थान पर तैनाती के लिए वरिष्ठ अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाने का प्रयास भी किया। बार-बार की अनुशासनहीनता के बावजूद पुलिस प्रशासन ने कांस्टेबल की पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए मानवीय आधार पर कदम उठाया।
दिनेश कुमार की बताई गई पसंद के अनुसार 9 जुलाई 2026 को उनकी तैनाती नायब कोर्ट, ठियोग के रूप में कर दी गई, जहां उन्होंने 17 जुलाई 2026 को कार्यभार ग्रहण किया। हालांकि, इस दौरान भी वे लगातार शिमला में स्थायी गार्ड ड्यूटी पर तैनाती करवाने का अनुचित प्रयास करते रहे और वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करते रहे। बार-बार विभागीय आदेशों की अवहेलना करने, समय पर ड्यूटी ज्वाइन न करने तथा लगातार अनुशासनात्मक नियमों का उल्लंघन करने के कारण अंततः वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, शिमला ने उन्हें निलंबित कर दिया।
वर्तमान में उनके खिलाफ नियमित विभागीय जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। एसएसपी गौरव सिंह ने आश्वासन दिया है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष होगी और कांस्टेबल को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


















