Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

14 साल का बच्चा पाल रहा परिवार, बिरोजा ढो कर निकाल रहा व्यवस्था का तेल

Published on: 3 October 2020
सिर पर बिरोजे के टीन संग जंगल मे अकेले 14 साल के भजन

यह चौदह साल का बच्चे भजन सिंह राजपूत हैं। इनकी उम्र सिर्फ 14 साल है। पर यह सारा दिन बिरोजे के टीन ढो कर परिवार के अन्य पांच सदस्यों को पाल रहे हैं। भजन के पिता पृथ्वी सिंह राजपूत बीते चार सालों से रीढ़ की हड्डी का मनका खिसकने की वजह से बिस्तर पर हैं। इसी वजह से 10 साल की उम्र से अभी तक भजन बिरोजा ढोते हुए और मेहनत मजदूरी कर के अपनी माँ और एक बड़ी बहन और दो अन्य भाई-बहन को पाल रहे हैं।

यह वजहें हैं जिनकी वजह से भगवान के नाम की तरह भजन के नाम को भजने का मन करता है। इन्हीं नन्हे से भजन की वजह से सरकारी व्यवस्थाओं को भांजने का भी कारण मिलता है। दरअसल, भजन के पिता जी के रीढ़ की हड्डी के इलाज का खर्चा दो लाख रुपए आज से चार साल पहले डॉक्टरों ने बताया था। पर इनके साथ भी वही हुआ जो अक्सर गरीब के साथ होता है। व्यवस्था में मंत्रियों और सन्तरिओं के पास चक्कर काटने का कोई फायदा नहीं हुआ।

आठवीं में पढ़ने वाले भजन ने सरकारी व्यवस्था के आगे तो हार मान ली,मगर जिंदगी की जंग में हथियार नहीं डाले। जंग का हथियार अपनी मेहनत को बनाया। बीते चार से भजन बिरोजे के भारी-भरकम टीनों के वजन के साथ नकारा सरकारी व्यवस्थाओं का बोझ भी ढूंढ रहे हैं। हर शाम को कोई बड़ा उनके हाथ पर कोई टॉफ़ी-चॉकलेट तो दूर बिस्किट रखने वाला कोई नहीं है। बल्कि मजबूरी में उनके माता-पिता और भाई-बहन उनके खुरदरे हाथों को देखने पर मजबूर हैं। बावजूद इसके नन्हे से भजन अपने और अपने परिवार के वजूद को जिंदा रखे हुए हैं।

चंबा जिले के भटियात विधानसभा क्षेत्र की चुआड़ी तहसील की खदेट पंचायत के बाड़ीधार के गांव के यह नन्हे से हीरो तब सबके सामने जब इसको समाजसेवी संजय शर्मा सामने लाए। दो अक्तूबर शुक्रवार को संजय करीबन पांच किलोमीटर पैदल चलकर यहां इस दुर्गम गांव में पहुंचे। हैरानी की बात है कि दर्जनों हार्ट अटैक झेल चुके संजय यहां तक पहुंच गए मगर सुविधा सम्पन्न और सरकारी ठसक के मालिक नेता-अधिकारी यहां तक नहीं पहुंच पाए। यह पीड़ित परिवार इन तक खुद गया तो इनको चलता-फिरता कर दिया गया। सीएम रिलीफ फंड नकारा साबित हो गया। स्वास्थ्य बीमे फेल हो गए। आईआरडीपी,बीपीएल सब ढोल साबित हुए। दुआ कीजिए कि जोश में बैठी सरकार और अफसरों को होश आए। बिस्तर से सटे भजन के पिता जी का इलाज हो जाए। फिलवक्त तो यही कहेंगे कि आप मेहनतकश भजन के नाम को इतना भजें की सरकार के कानों तक आवाज पहुंचे और साथ मे व्यवस्थाओ को भी इतना भांजे की हकीकत सबको नजर आए…
-दरअसल-

Aaj Ki KhabrenHimachal Latest NewsHimachal News in HindiHimachal Pradesh NewsHimachal Pradesh samacharHimachal updateHP government newsHP News Today

Join WhatsApp

Join Now