Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

विश्वविद्यालय प्रशासन की नीतियों के विरुद्ध ABVP का शव प्रदर्शन

Published on: 19 October 2020
विश्वविद्यालय प्रशासन की नीतियों के विरुद्ध ABVP का शव प्रदर्शन

प्रजासत्ता|
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन की नीतियों के विरुद्ध शव प्रदर्शन किया। इकाई अध्यक्ष विशाल वर्मा ने कहा कि यह सब प्रदर्शन विश्वविद्यालय के द्वारा जिस तरह से छात्रों के भविष्य को दरकिनार करते हुए तानाशाही फैंस के लिए जा रहे हैं तो यह सब प्रदर्शन छात्रों के भविष्य का प्रतीकात्मक है। पिछले कई दिनों से अभाविप के कार्यकर्ता कुलपति साहब से मिलना चाहते हैं लेकिन अभी तक कुलपति महोदय सामने नहीं आ रहे हैं और उल्टा पुलिस प्रशासन का छात्रों के विरुद्ध इस्तेमाल किया जा रहा है और शनिवार के दिन छात्रों के साथ मारपीट की जाती है जिसमें विद्यार्थी परिषद के कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं , उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए।

विशाल ने कहा कि विश्वविद्यालय ने पहले पीजी प्रवेश परीक्षा के नाम पर 1.5 करोड़ छात्रों से वसूल किए और अब मेरिट आधारित दाखिले कर रहा है । अपने दफ्तर में तो कुलपति महोदय पांच लोगों से अधिक छात्र नहीं आने देते तो अभाविप ने उनके दफ्तर के बाहर ही उनसे मिलकर कुछ सवाल करने चाहे लेकिन तानशाही दिखाते हुए कुलपति महोदय 2 घण्टे तक गाड़ी में बैठे रहे , इसके बाद मजबूरन विद्यार्थी परिषद शांतिपूर्वक नारेबाजी करती है । इसके बाद पुलिस प्रशासन का गलत इस्तेमाल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा होता है वो पुलिस जो जनता की सुरक्षा हेतु काम करती है उसे छात्रों के विरुद्ध इस्तेमाल किया जाता है। क्यूआरटी की एक गाड़ी विश्वविद्यालय आती है और छात्रों को रगड़ कर किनारे किया जाता है। छात्रों के खिलाफ पुलिस बल का इस्तेमाल करती है जिसमें कुछ को चोटें भी आई हैं । सारा दिन नारेबाजी करने बावजूद भी कुलपति महोदय बातचीत नहीं करते यह तानाशाही नहीं तो क्या है ।

 विश्वविद्यालय प्रशासन की नीतियों के विरुद्ध ABVP का शव प्रदर्शन
अभाविप का स्पष्ट रुख है कि पीजी दाखिलों में प्रवेश परीक्षा होनी चाहिए , अनेकों ऐसे छात्र हैं जो सह पाठ्यक्रम गतिविधियों में भाग लेते हैं चाहे वो कला हो या खेल का क्षेत्र या अन्य गतिविधियां , ऐसे छात्र कक्षा में कम मौजूद होने की वजह से असेसमेंट में कम अंक अर्जित करते हैं जिससे उनके कुल अंक व ग्रेड भी अन्य छात्रों से कम बनता है , तो वहीं अनेकों ऐसे छात्र भी हैं जो दिन भर दिहाड़ी लगाकर अपनी पढ़ाई का खर्चा देते हैं और रात में पढ़ाई करते हैं लेकिन असेसमेंट उनकी भी कम होती है , ऐसे में मेरिट आधारित दाखिले व्यवहारिक नहीं हैं और हजारों छात्र बिना प्रतिस्पर्धा के ही दाखिले की दौड़ से बाहर हो गए हैं ।

तो वहीं परीक्षा परिणामों की बात करें तो अभी विश्वविद्यालय ने सिर्फ यूजी छटे सेमेस्टर का आधा अधूरा परिणाम घोषित किया है , रिअपीयर के कोई भी परिणाम घोषित नहीं हुए हैं तो साथ ही साथ बीबीए , बीसीए जैसे कोर्सेज में तो छटे सत्र का भी परिणाम घोषित नहीं हुआ है , तो वहीं ऐसे भी छात्र हैं जो कोरोना महामारी के चलते अपनी परीक्षा नहीं दे पाए और विश्वविद्यालय प्रशासन पीजी दाखिले करने जा रहा है और वो भी मेरिट आधार पर । यह हजारों छात्रों के साथ छल है , धोखा है , खिलवाड़ है ।

तो वहीं जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए छात्र मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद करते हैं तो विश्वविद्यालय की ओर से एक तानाशाही फरमान जारी किया जाता है कि अगर आप फिर से छात्रों की मांगों को उठाते हो तो आपको विश्वविद्यालय से निलंबित कर दिया जाएगा । इस तरह के फरमान सीधे तौर पर आम छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर चोट है और विद्यार्थी परिषद इसका पुरजोर विरोध करती है।

विशाल ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन इसी तरह अपनी तानांशाही पर अड़ा रहा तो अपने आंदोलन को अभाविप आने वाले दिनों में और उग्र करेगी ।
आज इन्हीं सभी मुद्दों को लेकर जिस तरह मस्ती के द्वारा छात्रों के भविष्य को अंधकार में डाला जा रहा है उसी को दिखाते हुए प्रतीक के रूप में शव प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थी परिषद पर आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक विद्यार्थी परिषद की मांगे स्वीकार नहीं होती और कुलपति महोदय विद्यार्थी परिषद के सवालों का जवाब नहीं देते।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रमुख मांगे हैं :
1. पीजी कक्षाओं में दाखिले प्रवेश परीक्षा के आधार पर होने चाहिए।
2. यूजी पेपर चेकिंग में आ रही अनयिमित्ताओं को शीघ्र दूर किया जाए।

Aaj Ki KhabrenShimla HP newsShimla latest updateShimla Local NewsShimla NewsShimla News TodayShimla tourism newsShimla Weather Update

Join WhatsApp

Join Now