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हिमाचल में फल-फूल रहा GPA का कारोबार, बद्दी से फर्जी कागजातों के जरिए अंबाला की जमीन हड़पने की कोशिश का खुलासा

Published on: 24 October 2025
हिमाचल में बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा GPA का कारोबार, बद्दी से तैयार हुए फर्जी कागजातों से अंबाला की कीमती जमीन हथियाने की कोशिश हुआ खुलासा

General Power of Attorney(GPA): हरियाणा के अंबाला में धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसके तार हिमाचल प्रदेश के बद्दी तहसील से जुड़े हैं। कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए अंबाला कैंट में एक मूल्यवान जमीन पर कब्जा करने की साजिश रची। ये अपराधी हिमाचल प्रदेश में नकली आधार कार्ड, जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA), और वसीयत तैयार करके इस धोखाधड़ी को अंजाम देने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन पीड़ित परिवार की सतर्कता ने उन्हें एक बड़ी धोखाधड़ी से बचा लिया। इस मामले में पीड़ित परिवार द्वारा हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों को दी गई शिकायत की प्रति भी प्रजासत्ता के पास उपलब्ध है।

मामले पर बात करते हुए पीड़ित कंवलजीत कौर ने बताया कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उनके और उनके भाई हरमिंदर सिंह के नाम का दुरुपयोग कर नकली आधार कार्ड बनाए। 25 सितंबर 2025 को अंबाला कैंट तहसील से उनकी जमीन का रिकॉर्ड निकाला गया, और 16 अक्टूबर 2025 को बद्दी (जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश) के उप-पंजीयक कार्यालय से फर्जी GPA और वसीयत तैयार की गई।

जब पीड़ितों को इस धोखाधड़ी की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत बद्दी के उप-पंजीयक से संपर्क कर उक्त GPA और वसीयत को रद्द करवाया और संबंधित विभागों को सूचित किया। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री कराने की कोशिश की जा रही थी, उसका नाम कपिल है, जो पिंजौर का निवासी है। इसके अलावा, बद्दी तहसील में कार्यरत प्रवेश नामक व्यक्ति ने नकली कंवलजीत कौर और हरमिंदर सिंह के रूप में आए दो अज्ञात व्यक्तियों की पहचान की पुष्टि की थी।

पीड़ित परिवार ने बताया कि उन्होंने बद्दी पुलिस और एसपी बद्दी को इस मामले में शिकायत पत्र सौंपा है, लेकिन अभी तक प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है। उनका कहना है कि जब तक FIR दर्ज नहीं होती, इस मामले की जांच शुरू नहीं हो सकती। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने स्वयं इस मामले की पड़ताल की, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि यदि इस मामले की गहन जांच की जाए, तो कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं, जो आरोपियों के खिलाफ महत्वपूर्ण सबूत प्रदान कर सकते हैं।हिमाचल में बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा GPA का कारोबार, बद्दी से तैयार हुए फर्जी कागजातों से अंबाला की कीमती जमीन हथियाने की कोशिश हुआ खुलासा

उन्होंने यह भी बताया कि जब वे फर्जी GPA को रद्द करवाने के लिए तहसील कार्यालय पहुंचे, तो उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, और ओटीपी के माध्यम से सत्यापन मांगा गया। हालांकि, जब फर्जी GPA तैयार की गई थी, तब ऐसी कोई सत्यापन प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। पीड़ितों ने कहा कि समय रहते उन्हें इस धोखाधड़ी की जानकारी मिल गई, जिसके कारण वे एक बड़ी हानि से बच गए, अन्यथा उनकी जमीन पर धोखे से कब्जा हो सकता था।

पीड़ितों ने आशंका जताई कि ये पहचान चोरी करने वाले अपराधी भविष्य में हिमाचल प्रदेश की किसी अन्य तहसील में जाकर भी ऐसे फर्जी दस्तावेज तैयार करने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने राज्य सरकार और राजस्व विभाग से अपील की है कि हिमाचल प्रदेश की सभी तहसीलों को सतर्क किया जाए, ताकि उनके नाम पर कोई GPA या वसीयत न बनाई जा सके। कंवलजीत कौर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी कोई GPA या वसीयत नहीं बनाई और न ही भविष्य में बनाएंगी। उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया कि उनके नाम से किसी भी दस्तावेज पर कार्रवाई न की जाए।

उल्लेखनीय है कि पंजाब और हरियाणा में GPA पर प्रतिबंध है, जिसके कारण भू-माफिया हिमाचल प्रदेश का रुख कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, हिमाचल में GPA का कारोबार बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा है। बताया जाता है कि स्थानीय नंबरदार 300 से 500 रुपये में पहचान की पुष्टि करते हैं, और तहसीलदार को प्रत्येक GPA के लिए 10,000 रुपये दिए जाते हैं। यह अवैध कारोबार अब हिमाचल में बड़े स्तर पर फैल चुका है।

क्या होता है जीपीए?
जीपीए का मतलब जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी होता है। ये एक ऐसी प्रक्रिया होती है, जिसमें एक व्यक्ति अपनी संपत्ति का अधिकार किसी दूसरे व्यक्ति को देता है। ये उन मामलों में जरूरी होता है, जिनमें प्रॉपर्टी का मालिक देश से बाहर हो या फिर काफी ज्यादा बीमार हो। जीपीए को प्रॉपर्टी बेचने में इस्तेमाल किया जा सकता है। GPA एक ऐसा कानूनी दस्तावेज है, जो किसी व्यक्ति को दूसरे की ओर से संपत्ति या अन्य वित्तीय कामकाज करने का अधिकार देता है। यह एजेंट को बैंकिंग, संपत्ति प्रबंधन, अनुबंधों पर हस्ताक्षर और अन्य कई वित्तीय मामलों सहित कई क्षेत्रों में निर्णय लेने की शक्ति देता है, जब तक कि यह रद्द न हो जाए या मुख्य व्यक्ति की मृत्यु न हो जाए।

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