Nalagarh Blast: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में नालागढ़ पुलिस थाने के पास नए साल के पहले दिन हुए जोरदार विस्फोट ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) और पंजाब सॉवरेन्टी अलायंस (PSA) ने सोशल मीडिया पर इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि यह इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) से किया गया ब्लास्ट था।
संगठनों की ओर से जारी पोस्ट में इसे भारत सरकार और पुलिस व्यवस्था के खिलाफ कार्रवाई बताया गया है। पोस्ट के मुताबिक, हिमाचल में सिंथेटिक ड्रग्स का उत्पादन हो रहा है और इन्हें पंजाब भेजा जा रहा है, जिसके खिलाफ पुलिस कोई कदम नहीं उठा रही। इस वजह से पंजाब की युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में फंसकर बर्बाद हो रही है।
पोस्ट में आगे कहा गया कि इस ‘ऑपरेशन’ की प्लानिंग और एक्जीक्यूशन गोपी नवांशहरिया और कबल सिंह ने किया। भड़काऊ भाषा वाली यह पोस्ट 1 जनवरी 2026 को इंस्टाग्राम हैंडल ‘जस्सासिंहपीएसए’ से शेयर की गई।
मामले की गंभीरता देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की टीमें सक्रिय हो गई हैं। NIA की एक टीम ने शुक्रवार को नालागढ़ पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया और सबूत जुटाए। स्थानीय पुलिस से अब तक की जांच की डिटेल्स भी ली गईं। खुफिया एजेंसियां आतंकी दावों की सत्यता, संदिग्ध लिंक्स और अंतरराज्यीय कनेक्शन की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। पंजाब पुलिस को भी ISI के हाथ होने की आशंका है, जो क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने की साजिश रच रही हो।
दावे की पुष्टि नहीं, फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
हालांकि सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी का दावा जोरों पर है, लेकिन पुलिस या किसी जांच एजेंसी ने इसकी आधिकारिक तस्दीक नहीं की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बद्दी के एसपी विनोद धीमान ने बताया कि विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और BNS की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पंजाब पुलिस के साथ मिलकर जांच चल रही है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
वहीं एक अन्य मीडिया चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण रेंज की DIG अंजुम आरा ने कहा कि फोरेंसिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने का इंतजार है, जिससे यह पता चलेगा कि ब्लास्ट में किस तरह के विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ। सोशल मीडिया दावों की सच्चाई की भी गहन जांच हो रही है। फिलहाल पूरे बद्दी जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन धमाके से गहरा गड्ढा बन गया और आसपास की इमारतों के शीशे चकनाचूर हो गए। सुरक्षा बल CCTV फुटेज खंगाल रहे हैं और संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है। यह मामला हिमाचल की शांत छवि पर सवाल खड़े कर रहा है, जबकि पंजाब से सटे होने के कारण नालागढ़-बद्दी क्षेत्र पहले से संवेदनशील माना जाता है। जांच के नतीजे आने तक सुरक्षा व्यवस्था और सख्त रखी गई है।













