Dharamshala College Student Death Case: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित सरकारी डिग्री कॉलेज में रैगिंग और यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच 19 वर्षीय छात्रा पल्लवी की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने शनिवार को इस घटना की गहन जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। UGC ने एक विशेष तथ्यान्वेषी समिति का गठन किया है, जो पूरे प्रकरण की बारीकी से पड़ताल करेगी।
UGC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मीडिया रिपोर्ट्स में रैगिंग के चलते छात्रा के आत्महत्या करने के आरोप सामने आने के बाद एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन ने स्वत: संज्ञान लिया। अधिकारी ने कहा, “हमने इस गंभीर मामले को बहुत गंभीरता से लिया है और जल्द सच्चाई सामने लाने के लिए कमेटी सक्रिय हो गई है।” हालांकि, कॉलेज प्रशासन का दावा है कि यह आत्महत्या का मामला नहीं, बल्कि इलाज के दौरान हुई मौत है।
उधर, इस मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए कॉलेज प्रोफेसर ने अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। कोर्ट ने साफ निर्देश दिए हैं कि प्रोफेसर को पुलिस जांच में पूरा सहयोग करना होगा और किसी भी समन पर उपस्थित होना अनिवार्य है।अभी तक की जांच में कुछ नए नाम भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। छात्रा के साथ छेड़छाड़ और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों में एक अन्य सहायक प्रोफेसर का नाम सामने आया है।
आरोप है कि दाखिला प्रक्रिया के दौरान इस शिक्षक ने भी अनुचित व्यवहार किया। साथ ही, एक अन्य छात्रा पर पीड़िता की निजी बातें लीक करने और उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का इल्ज़ाम लगा है। वर्तमान में दर्ज FIR में चार छात्राओं के नाम शामिल हैं, लेकिन दूसरे प्रोफेसर का नाम अभी नहीं जोड़ा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में उनकी संलिप्तता साबित हुई तो नाम शामिल कर लिया जाएगा।
इस बीच सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दिवंगत छात्रा ने खुद कॉलेज में अपने साथ हुई तकलीफों और प्रताड़ना का जिक्र किया है। यह वीडियो मामले को और संवेदनशील बना रहा है।
बता दें कि मामला अब UGC की जांच, पुलिस की FIR और कोर्ट की निगरानी में है। राजनीतिक दलों के साथ-साथ छात्र संगठन और महिला अधिकार समूह भी न्याय की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से कई और खुलासे होने की संभावना है।













