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Himachal Panchayat Elections: सुक्खू सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

Himachal Panchayat Elections: सुक्खू सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
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Himachal Panchayat Elections: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव का मामला अब अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया हैं। राज्य की कांग्रेस सरकार ने हिमाचल हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ देश की सर्वोच्च अदालत में स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) दायर कर दी है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 30 अप्रैल तक पूरे राज्य में पंचायती राज चुनाव कराने के सख्त आदेश दिए थे, लेकिन सरकार अब इस फैसले को चुनौती दे रही है।

बता दें कि सुक्खू सरकार ने इस एसएलपी में डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट को मुख्य आधार बनाया है। सरकार का कहना है कि प्रदेश में बरसात से आई भारी तबाही के बाद अभी भी आपदा एक्ट लागू है। ऐसे में पंचायती राज चुनाव जैसे स्थानीय मामले को संसद के इस कानून से ऊपर नहीं रखा जा सकता। इसलिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। अब इस मामले की सुनवाई सर्वोच्च अदालत में होगी।

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गौरतलब है कि हिमाचल हाईकोर्ट ने बीते 9 जनवरी को पंचायत चुनाव को लेकर फैसला सुनाया था। न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रोमेश वर्मा की बेंच ने याचिकाकर्ता डिक्कन कुमार ठाकुर और अन्य की याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि 30 अप्रैल तक पंचायत चुनाव पूरे कर लिए जाएं। साथ ही 28 फरवरी तक चुनाव की सारी तैयारियां और प्रक्रिया पूरी करने को कहा था।

याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि सरकार डिजास्टर एक्ट का बहाना बनाकर पंचायत चुनाव नहीं टाल सकती। अदालत ने भी इस बात को सही माना और चुनाव कराने के आदेश दे दिए। अब सरकार ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देकर चुनाव की समयसीमा पर नया मोड़ ला दिया है।

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