Surya Grahan-Chandra Grahan 2026 Date and Time: साल 2026 में फरवरी और मार्च में दो महत्वपूर्ण ग्रहण लगने वाले हैं। पहला ग्रहण 17 फरवरी को वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। इस तरह के ग्रहण में सूर्य का केंद्र ढकता नहीं है, बल्कि चारों ओर एक छल्ला दिखाई देता है। हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
यह ग्रहण अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में देखा जाएगा। भारतीय समय के अनुसार सूर्य ग्रहण शाम 5:31 बजे से 7:57 बजे तक रहेगा। चूंकि यह भारत में नहीं दिखेगा, इसलिए यहां सूतक काल नहीं माना जाएगा और पूजा-पाठ या रसोई, मंदिर आदि के काम सामान्य रूप से किए जा सकते हैं।
करीब 15 दिन बाद, यानी 3 मार्च 2026 को साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा, जिसे ब्लड मून भी कहा जाता है। यह ग्रहण भारत में साफ दिखाई देगा और एशिया, यूरोप तथा अमेरिका के कई हिस्सों में भी देखा जा सकेगा। पूर्वी भारत में चंद्र ग्रहण अधिक स्पष्ट रूप से नजर आएगा। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण दोपहर 3:22 बजे से शाम 6:47 बजे तक रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण के करीब 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस बार 3 मार्च को चंद्र ग्रहण का सूतक सुबह लगभग 6:22 बजे से मान्य होगा और ग्रहण खत्म होने तक रहेगा। ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ में सावधानी बरतने की परंपरा है और ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करना शुभ माना जाता है।
वैज्ञानिक दृष्टि से सूर्य और चंद्र ग्रहण प्राकृतिक खगोलीय घटना हैं। सूर्य ग्रहण को सीधे न देखकर ही देखना चाहिए, क्योंकि यह आंखों के लिए हानिकारक हो सकता है। धार्मिक दृष्टि से सूतक काल और विशेष पूजा ग्रहण के समय किए जाते हैं, जबकि विज्ञान कहता है कि इससे शरीर को कोई नुकसान नहीं होता।
इस प्रकार, फरवरी-मार्च 2026 में सूर्य और चंद्र ग्रहण दोनों आएंगे, लेकिन केवल चंद्र ग्रहण भारत में देखा जा सकेगा। इसलिए 3 मार्च को चंद्र ग्रहण के समय धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टिकोणों को ध्यान में रखकर तैयारी करना सही रहेगा।















