Prajasatta Side Scroll Menu

Solar Eclipse 2026: आसमान में दिखेगा ‘आग का छल्ला’, जानिए कब और कहां दिखेगा ये अद्भुत नजारा

Solar Eclipse 2026: आसमान में दिखेगा ‘आग का छल्ला’, जानिए कब और कहां दिखेगा ये अद्भुत नजारा

Solar Eclipse 2026: दुनियाभर के वैज्ञानिकों को साल 2026 के पहले ग्रहण का इंतजार है। क्योंकि प्रकृति का एक अद्भुत नजारा बहुत जल्द दिखने वाला है। फरवरी माह में लग रहे सूर्य ग्रहण को लेकर दुनियाभर के खगोलविदों में उत्सुकलता है। बता दें कि सूर्य ग्रहण एक खास खगोलीय घटना होती है, जिसे हर कोई अपनी आंखों से नहीं देख पाता। यह दृश्य रोमांच से भर देने वाला होता है और सालों बाद नजर आता है।

साल 2026 में लोगों को दो बार सूर्य ग्रहण देखने का मौका मिलेगा। इनमें से पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लगेगा। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जो दुनिया के कुछ ही हिस्सों में दिखाई देगा। ग्रहण के समय चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है। इससे सूर्य की रोशनी सीधे धरती तक नहीं पहुंच पाती और आसमान में अलग-सा नजारा बनता है।

इसे भी पढ़ें:  Delhi CM Rekha Gupta: दिल्ली CM रेखा गुप्ता के कार्यक्रम में फिर मचा हंगामा

क्या होता है वलयाकार सूर्य ग्रहण
नासा के अनुसार, वलयाकार सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी से थोड़ी ज्यादा दूरी पर होता है और उसी समय सूर्य के सामने से गुजरता है। दूरी ज्यादा होने की वजह से चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता। ऐसे में सूर्य का बाहरी हिस्सा चमकता रहता है और चारों ओर एक चमकदार घेरा बन जाता है। इसी कारण इसे “आग का छल्ला” या “रिंग ऑफ फायर” कहा जाता है।

96 प्रतिशत ढक जाएगा सूरज
इस ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य का करीब 96 प्रतिशत हिस्सा ढक लेगा। चंद्रमा के चारों तरफ दिखने वाला चमकदार छल्ला लगभग दो मिनट 20 सेकंड तक नजर आएगा। खास बात यह है कि यह दिन चीनी चंद्र नव वर्ष के साथ भी पड़ेगा, जिससे कई संस्कृतियों के लिए इसका महत्व और बढ़ जाता है।

इसे भी पढ़ें:  Chandigarh: सीआरपीएफ 13 बटालियन चंडीगढ़ में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2025.

ग्रहण का समय
ग्रहण का आंशिक चरण सुबह 9:56 बजे यूटीसी यानी भारतीय समयानुसार दोपहर 3:26 बजे शुरू होगा। वलयाकार चरण सुबह 11:42 बजे यूटीसी या शाम 5:12 बजे शुरू होगा। सबसे शानदार दृश्य दोपहर 12:12 बजे यूटीसी यानी शाम 5:42 बजे दिखाई देगा, जब “रिंग ऑफ फायर” साफ नजर आएगा। इसके करीब दो मिनट 20 सेकंड बाद वलयाकार चरण खत्म हो जाएगा। पूरा ग्रहण दोपहर 2:27 बजे यूटीसी या भारतीय समयानुसार शाम 7:57 बजे समाप्त होगा।

कहां दिखाई देगा ग्रहण
यह वलयाकार सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसे अंटार्कटिका, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका, चिली, नामीबिया, बोत्सवाना, मेडागास्कर, मॉरीशस, तंजानिया, जाम्बिया और जिम्बाब्वे के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। इसके अलावा अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और अटलांटिक, प्रशांत व हिंद महासागर के आसपास के इलाकों में आंशिक सूर्य ग्रहण नजर आएगा।

इसे भी पढ़ें:  Kangana Ranaut Chirag Paswan Relationship News चिराग पासवान के साथ रिश्ते की खबरों पर कंगना रनौत का बड़ा बयान

ग्रहण के दौरान सावधानी जरूरी
सूर्य ग्रहण देखते समय आंखों की सुरक्षा सबसे जरूरी होती है। सूर्य को देखने के लिए केवल सर्टिफाइड सोलर एक्लिप्स चश्मे का ही इस्तेमाल करें। सामान्य धूप के चश्मे आंखों को नुकसान से नहीं बचाते। बिना सही फिल्टर के कैमरा, दूरबीन या टेलीस्कोप से सूर्य को न देखें। बच्चों पर खास नजर रखें। अगर ग्रहण के चश्मे न हों, तो पिनहोल प्रोजेक्टर के जरिए सुरक्षित तरीके से ग्रहण का आनंद लिया जा सकता है।

Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)
Aaj Ki Khabren Astrology & Religion astrology tips India Daily Horoscope Hindi daily news India Hindu festival 2025 latest hindi news news news update today puja vidhi Hindi Rashifal Today religion news India samachar today today news Hindi top headlines today

Join WhatsApp

Join Now