Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

Kabaddi Controversy: हिमाचल में कबड्डी टीम चयन पर मचा घमासान, जांच के लिए बनी कमेटी, जानें क्या है पूरा विवाद

Kabaddi Controversy: नालागढ़ विधायक के हस्तक्षेप से पांच दिन से धरने पर बैठे दो कबड्डी खिलाड़ियों प्रीत सिंह चंदेल और संजीव कुमार का अनशन खत्म हो गया। वहीं खेल मंत्री गोमा के निर्देश पर चयन प्रक्रिया की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है।
Kabaddi Controversy: हिमाचल में कबड्डी टीम चयन पर मचा घमासान, जांच के लिए बनी कमेटी, जानें क्या है पूरा विवाद

Kabaddi Controversy: हिमाचल प्रदेश में सीनियर नेशनल कबड्डी टीम चयन को लेकर उठे विवाद में बड़ा फैसला हुआ है। पांच दिन तक चले आमरण अनशन के बाद मामला सुलझ गया और विभाग ने जांच समिति गठित कर दी। यह कदम खेल मंत्री यादविंदर गोमा के आदेश पर उठाया गया है।

दरअसल, हिमाचल प्रदेश कबड्डी एसोसिएशन ने गुजरात में होने वाली सीनियर नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता के लिए टीम चुनी थी। लेकिन चयन में कथित पक्षपात और गड़बड़ी के आरोप लगे। नालागढ़ के दो अनुभवी खिलाड़ी प्रीत सिंह चंदेल और संजीव कुमार ने दावा किया कि उनका प्रदर्शन बेहतर था, फिर भी उन्हें मौका नहीं मिला। वहीं, कमजोर प्रदर्शन वालों को टीम में जगह दी गई।

दोनों खिलाडी का इसके विरोध में पिछले पांच दिनों से नालागढ़ के एसडीएम कार्यालय के बाहर आमरण अनशन चल रहा था। दोनों खिलाड़ियों की हालत बिगड़ने लगी तो मामला गंभीर हो गया। ऐसे में नालागढ़ के विधायक बावा हरदीप सिंह ने तुरंत हस्तक्षेप किया। वे विधानसभा से सीधे अनशन स्थल पहुंचे। एसडीएम, डीएसपी और तहसीलदार के साथ जाकर उन्होंने दोनों पक्षों से बात की।

इसे भी पढ़ें:  Himachal: मनरेगा योजना पर सरकार का बड़ा फैसला: एक पंचायत में केवल 20 कार्य, ग्रामीणों ने उठाए सवाल

विधायक ने हिमाचल प्रदेश कबड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार से फोन पर चर्चा की। खिलाड़ियों ने माफी मांगी और एसोसिएशन से एक बार ट्रायल देने की मांग की। अध्यक्ष राजकुमार ने आश्वासन दिया कि ट्रायल कराया जाएगा। उसके आधार पर अंतिम टीम चुनी जाएगी और सभी को इसे मानना होगा।

इसे भी पढ़ें:  चेयरमैन और सदस्यों के कार्यभार ग्रहण के बाद HPPSC भर्ती प्रक्रिया में आएगी तेजी

विधायक बावा हरदीप सिंह ने खुद खिलाड़ियों को जूस पिलाकर अनशन खत्म करवाया। इसके बाद दोनों को सिविल अस्पताल नालागढ़ में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। मीडिया से बातचीत में विधायक ने कहा कि यह गलतफहमी की वजह से मामला बढ़ा। उन्होंने दोनों पक्षों से बात कर ट्रायल का वादा दिलवाया।

विधायक ने कहा, “यह आखिरी बार है जब मैं ऐसे मुद्दे में बीच में आ रहा हूं। भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए।” उन्होंने लोगों से अपील की कि कोई समस्या हो तो पहले फोन या मिलकर बताएं। वे मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाकर हल करने की कोशिश करेंगे। अगर फिर संतुष्टि न हो तो प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन पहले संवाद जरूरी है।

उन्होंने दोनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कहा कि अच्छा प्रदर्शन करने पर वे हिमाचल टीम के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें:  Himachal News: सीवेज से दूषित हो रहे कसौली में पानी के स्त्रोत, समिति ने की सीवेज उपचार संयंत्र की सिफारिश

वहीं मामले कि जानकारी मिलने के बाद खेल मंत्री यादविंदर गोमा के आदेश पर खेल विभाग ने चयन प्रक्रिया की जांच के लिए प्रारंभिक तथ्य-खोज समिति बना दी है। समिति में अतिरिक्त निदेशक युवा सेवा एवं खेल (अध्यक्ष), जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी (मुख्यालय) और वरिष्ठ कबड्डी कोच शामिल हैं। समिति को 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश है।

यह समिति शिकायतों की जांच करेगी, तथा चयन के रिकॉर्ड, मानकों की समीक्षा भी करेगी इसके अलावा शिकायतकर्ता, चयनकर्ताओं व अधिकारियों से बात करेगी। अंत में तथ्यों पर आधारित रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई के सुझाव देगी। सरकार कि ओर से  इस फैसले से कबड्डी खिलाड़ियों में पारदर्शिता की उम्मीद जगी है।

Aaj Ki Khabren Himachal Latest News Himachal News Himachal News in Hindi Himachal Pradesh News Himachal Pradesh samachar Himachal update HP News Today

Join WhatsApp

Join Now