Himachal News: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में बड़ी मात्रा में नशा बरामद होने के बाद अब पुलिस खुद जांच के दायरे में आ गई है। जहां पुलिस ने एक करोड़ रुपये कीमत के एलएसडी (लाइसर्जिक एसिड डाइथाइलमाइड) नशे के साथ एक युवक और युवती को पकड़ा था। अब इस मामले में सीआईडी (CID) की स्पेशल टास्क फोर्स के चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि ये चारों पुलिसकर्मी नशा तस्करी रोकने वाली स्पेशल टास्क फोर्स में तैनात थे। इनमें दो हेड कांस्टेबल और दो कांस्टेबल शामिल हैं। दैनिक समाचार पत्र अमर उजाला में छपी एक खबर के मुताबिक पुलिस जांच में इनकी भूमिका पर सवाल उठे हैं, इसलिए इन्हें तुरंत सस्पेंड किया गया है। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इन पुलिसकर्मियों ने क्या गलत किया, लेकिन इन पर गहरा शक है। शिमला पुलिस और सीआईडी दोनों अलग-अलग स्तर पर इसकी गहन जांच कर रही हैं।
जांच के दौरान पता चला कि पकड़े गए आरोपियों को यह नशे की खेप कुल्लू पहुंचानी थी। वहां रैव पार्टियों में इसका इस्तेमाल होता है। खास बात यह है कि निलंबित किए गए चारों एसटीएफ कर्मी उस समय कुल्लू में ही तैनात थे। इसी वजह से इन पर संदेह और मजबूत हो गया। तस्कर कुल्लू से शिमला आए थे और बीसीएस में एक कमरे में ठहरे हुए थे।
मामले की शुरुआत 11 मार्च को हुई। शिमला पुलिस की स्पेशल टीम ने संदीप शर्मा और प्रिया शर्मा नाम के युवक-युवती को गिरफ्तार किया। इनके पास 11.570 ग्राम एलएसडी (LSD) बरामद हुआ, जो कुल 562 स्ट्रीप्स में था। पूछताछ के बाद पुलिस ने हरियाणा के गुरुग्राम से केरल के कालीकट निवासी नविएल हैरिसन को भी पकड़ लिया।
पुलिस को शक है कि यह नशा गोवा, राजस्थान और दिल्ली के रास्ते हिमाचल में लाया जा रहा था। कुल्लू के कसोल इलाके में रैव पार्टियां होती हैं और माना जा रहा है कि यहीं सप्लाई का इरादा था। पुलिस अब तीनों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है ताकि पूरी साजिश का पता लगाया जा सके।फिलहाल इस मामले में जांच जारी है ऐसे में आने वाले दिनों में कई और खुलासे हो सकते हैं।
















