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Weather Update: मार्च में भारी बारिश किस ओर कर रही इशारा? मौसम एक्सपर्ट ने बताया पूरे भारत के लिए क्यों खतरनाक है ये

Weather Update: दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने बदला मौसम का मिजाज। भारी बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में 7 डिग्री तक की गिरावट। क्या यह दुर्लभ मौसम प्रणाली आने वाले समय के लिए कोई बड़ा खतरा है? जानें मौसम वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी
Weather Update: मार्च में भारी बारिश किस ओर कर रही इशारा? मौसम एक्सपर्ट ने बताया पूरे भारत के लिए क्यों खतरनाक है ये
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Weather Update: दिल्ली-एनसीआर, यूपी और राजस्थान समेत देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक पलटी मार दी है। मार्च की शुरुआत में बढ़ती गर्मी को देख लोगों ने भारी कपड़े पैक कर दिए थे, लेकिन अब पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के असर से फिजा बदल गई है। पिछले दो दिनों से हो रही तेज बारिश और हवाओं ने पारे को 6 से 7 डिग्री तक नीचे गिरा दिया है, जिससे एक बार फिर हल्की ठंड का अहसास होने लगा है।

मौसम विभाग का कहना है कि 20 मार्च को भी बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि, 23 मार्च के बाद से आसमान साफ होने और धूप निकलने की उम्मीद है। मौसम के इस बदले मिजाज को जानकार काफी हैरान करने वाला और दुर्लभ मान रहे हैं।

जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत के ऊपर बादलों की एक बहुत लंबी और सीधी रेखा (Low-pressure line) बनी है, जो आमतौर पर कम ही देखी जाती है। इस सिस्टम की वजह से ही दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ जैसे इलाकों में जोरदार बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिल रही है।

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जानकारों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के अंदरूनी इलाकों जैसे लखनऊ और कानपुर में भी आने वाले कुछ घंटों में मौसम काफी खराब रह सकता है। राहत की बात बस ये है कि 23 मार्च के बाद ये सिस्टम थोड़ा धीमा पड़ेगा, लेकिन महीने के आखिर तक फिर से नए सिस्टम सक्रिय हो सकते हैं।

इस बेमौसम बरसात ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं और ओलों की वजह से गेहूं, सरसों और सब्जियों की खड़ी फसल को भारी नुकसान हो सकता है। 40 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं पेड़ों और बिजली के खंभों को भी नुकसान पहुँचा सकती हैं।

पहाड़ों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है, इसलिए लोगों को खुले क्षेत्रों में रहने और बिजली कड़कने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर, गर्मी से मिली यह राहत फिलहाल फसलों और सुरक्षा के लिहाज से थोड़ी भारी पड़ती दिख रही है।

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