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Mobile Data Usage India: भारत में डेटा खपत ने तोड़ी सारी सीमाएं, जानिए हर यूजर महीने में कहाँ खर्च कर रहा 31GB से ज्यादा डेटा

Mobile Data Usage India Record: नोकिया की ताजा रिपोर्ट के अनुसार साल 2025 में भारत में प्रति यूजर औसत डेटा खपत 5G नेटवर्क और AI ऐप्स की वजह से देश में इंटरनेट की मांग में जबरदस्त उछाल आया है। जानें कैसे भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G मार्केट बन
Mobile Data Usage India: भारत में डेटा खपत ने तोड़ी सारी सीमाएं, जानिए हर यूजर महीने में कहाँ खर्च कर रहा 31GB से ज्यादा डेटा

Mobile Data Usage India: भारत ने डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। ‘नोकिया मोबाइल ब्रॉडबैंड इंडेक्स 2026’ की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत में प्रति उपयोगकर्ता औसत मासिक डेटा खपत 31GB की सीमा को पार कर गई है। डेटा उपयोग में आई इस तीव्र वृद्धि का मुख्य श्रेय देशव्यापी 5G विस्तार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सेवाओं की बढ़ती मांग को दिया जा रहा है।

5G ट्रैफिक में 70% की वार्षिक वृद्धि
रिपोर्ट के आंकड़े दर्शाते हैं कि भारत में मोबाइल डेटा के उपभोग पैटर्न में बुनियादी बदलाव आया है। साल 2025 के दौरान 5G डेटा ट्रैफिक में साल-दर-साल 70 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कुल मोबाइल ब्रॉडबैंड ट्रैफिक में अब अकेले 5G की हिस्सेदारी लगभग 47 प्रतिशत हो गई है, जो 12.9 एक्साबाइट (EB) के स्तर पर पहुंच चुकी है। विशेष रूप से मेट्रो शहरों में 5G का दबदबा सर्वाधिक है, जहां कुल ट्रैफिक का 58 प्रतिशत हिस्सा इसी नेटवर्क से आता है।

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फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) में भारत वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर
इंटरनेट की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में ‘फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस’ (FWA) तकनीक एक प्रमुख घटक बनकर उभरी है। बिना केबल के उच्च गति इंटरनेट प्रदान करने वाली इस तकनीक के मामले में भारत अब विश्व में दूसरे पायदान पर है। कुल 5G डेटा खपत में FWA की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से अधिक हो गई है, जबकि इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में दोगुनी दर्ज की गई है।

डेटा उपभोग बढ़ने के प्रमुख कारण
रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले पांच वर्षों के विश्लेषण से पता चलता है कि देश में डेटा खपत में 18 प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) रही है। इस वृद्धि के पीछे निम्नलिखित कारक प्रमुख रहे हैं:

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AI और उच्च गुणवत्ता वाली स्ट्रीमिंग: AI आधारित एप्लिकेशन, 4K वीडियो स्ट्रीमिंग और क्लाउड गेमिंग की वजह से प्रति यूजर डेटा उपयोग बढ़ा है।

सस्ते 5G उपकरण: बाजार में किफायती 5G स्मार्टफोन्स की उपलब्धता और बेहतर नेटवर्क कवरेज।

व्यापक विस्तार: डेटा की यह मांग अब केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि कैटेगरी A, B और C के सर्कल्स में भी निरंतर विस्तार कर रही है।

वैश्विक परिदृश्य में भारत की स्थिति
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में भारत का कुल मासिक डेटा ट्रैफिक 27 एक्साबाइट को पार कर गया है। बता दें कि एक एक्साबाइट एक अरब गीगाबाइट से अधिक होता है)। इन आंकड़ों के साथ ही भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G उपभोक्ता आधार वाला देश बन गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में AI अनुप्रयोगों की सघनता और नेटवर्क के और अधिक सुदृढ़ होने से डेटा की यह खपत नए स्तरों को छुं सकती है।

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