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Maharashtra News: शिवसेना और राज ठाकरे को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान

Maharashtra News: राज ठाकरे को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान

Maharashtra News महाराष्ट्र में भाषा विवाद को लेकर हुई हिंसा पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने महाराष्ट्र में जारी भाषा विवाद को लेकर बिना नाम लिए मनसे प्रमुख राज ठाकरे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग एक दिन अकेले रह जाएंगे। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बुधवार (23 जुलाई) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।

महाराष्ट्र में भाषा विवाद को लेकर हुई हिंसा पर उन्होंने कहा कि ऐसा करने वाले एक दिन अकेले रह जाएंगे। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि बात ये है कि भाषा के संदर्भ में जब बात कर रहे हैं, ये भाषा नहीं हिंसा है। जो लोग इस तरीके के भाषा का इस्तेमाल करते है वो कुछ दिन बाद अकेले हो जाएंगे।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने महाराष्ट्र की राजनीति और भाषा विवाद पर अपनी बेबाक राय रखी। शिवसेना के विभाजन पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “अगर एक पत्थर में क्रैक आ जाए और वह दो टुकड़ों में बंट जाए, तो दोनों टुकड़े पत्थर ही होंगे।

शिवसेना में विभाजन हुआ है, लेकिन दोनों धड़े तब तक शिवसेना हैं, जब तक वे छत्रपति शिवाजी महाराज के पराक्रम और हिंदुत्व के सिद्धांतों का पालन करते हैं। जिस दिन ये गुण किसी धड़े में खत्म हो जाएंगे, वह शिवसेना नहीं रहेगा।”

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मराठी-हिंदी भाषा विवाद पर शंकराचार्य ने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए इस विवाद को हवा दे रहे हैं, लेकिन जनता इसे स्वीकार नहीं कर रही। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाषा को जोड़ने का माध्यम बनाना चाहिए, न कि विवाद का।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्वयं मराठी सीखने की शुरुआत की है और इसे एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा, “मैं सात दिन से मराठी सीख रहा हूँ, और यह मेरे लिए एक नया अनुभव है। सभी को स्थानीय भाषा और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए।”

काऊ बेल्ट’ पर करारा जवाब

उत्तर भारत को “काऊ बेल्ट” कहे जाने पर शंकराचार्य ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा, “पूरा भारत गाय का क्षेत्र है। गोवा का नाम ही ‘गो’ से आया है, जो गाय को दर्शाता है। यह कोई क्षेत्र विशेष की बात नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक पहचान है।” उन्होंने लोगों से इस तरह के विभाजनकारी शब्दों से बचने और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देने की अपील की।

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गौ हत्या पर भी दिया बयान

गौ हत्या एंड सप्लाई के मामले को लेकर उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र में पहले राज्य माता कहा है उसका डिस्क्रिबशन दीजिए? कैसे खाएगी, कैसे पीएगी एक प्रोटोकॉल बनाया जाए इस मामले में। ये बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा और संबंधित मंत्री को भी इस मामले को पहुंचाया जाएगा।”

तिरुपति प्रसाद पर क्या कहा?

तिरुपति प्रसाद पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका थी। 3 दिन पहले इनका ये कहना था तिरुपति के प्रसाद में कुछ मिलाया गया था। इनका ये कहना था कि एक निर्देश जारी करे की शुद्ध घी में प्रसाद दे, लेकिन कोर्ट ने कहा कि अपनी याचिका वापस ले लो।

उन्होंने कहा कि लेकिन जो टिप्पणी की गई ये क्यों दायर किया गया पिटिशन? ये कितनी गजब की बात है गाय गाय में भेद किया जा रहा है। अगर आप ये कहते हैं तो कुतिया के दूध से भगवान का प्रसाद बनाया जाए? क्या कहना चाहते हो?

ब्लास्ट मामले पर क्या कहा?

इसके अलावा उन्होंने 2006 ब्लास्ट मामले पर कहा जो लोग मरे इस घटना में उसके बारे में कौन सोचेगा? ये कैसा फैसला है कोर्ट का? आज जो लोग पकड़े गए है वो निर्दोष हैं? अपने आप घटना हो गया, चमत्कारी हो गया है मुंबई?

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उन्होंने आगे कहा कि ये फैसला कैसा लिया कोर्ट ने? किस सरकार की असफलता है ये अलग बात है। कैसा मुकदमा बनाया गया? 100 दिन के 3 बाद किसी की गवाही नहीं सुनेंगे? 11 साल लग गए फैसला को और क्या दिया फैसला?

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