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Solan Chester Hills Project Controversy: सोलन चेस्टर हिल्स प्रोजेक्ट पर सरकार का बड़ा एक्शन, धारा 118 के उल्लंघन पर जमीन होगी जब्त?

Chester Hills Solan Dispute: हिमाचल सरकार ने सोलन के चेस्टर हिल्स प्रोजेक्ट की जांच के लिए डीसी सोलन को सख्त आदेश दिए हैं। इस मामले में एसडीएम सोलन की रिपोर्ट में बेनामी सौदे और धारा 118 के नियमों की अनदेखी का खुलासा हुआ है।
Published on: 4 April 2026
Solan Chester Hills Project Controversy: सोलन चेस्टर हिल्स प्रोजेक्ट पर सरकार का बड़ा एक्शन, धारा 118 के उल्लंघन पर जमीन होगी जब्त?

Solan Chester Hills Project Controversy: हिमाचल प्रदेश में सोलन के बहुचर्चित ‘चेस्टर हिल्स’ प्रोजेक्ट को लेकर प्रदेश सरकार ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सरकार ने चेस्टर हिल-2 और चेस्टर हिल-4 प्रोजेक्ट से जुड़ी जमीनों के विवाद की गहराई से जांच करने के लिए डीसी सोलन को सख्त आदेश जारी किए हैं।

सरकार ने साफ कर दिया है कि इस मामले में ‘हिमाचल प्रदेश टेनेंसी एंड लैंड रिफॉर्म एक्ट 1972’ की धारा 118 के नियमों की अनदेखी हुई है, इसलिए दोषियों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। हैरानी की बात यह है कि सरकार ने अपने उस पुराने आदेश को भी रद्द कर दिया है, जिसमें इस प्रोजेक्ट पर कार्रवाई रोकने की बात कही गई थी।

अब नए निर्देशों के तहत प्रशासन को सभी पक्षों की बात सुनकर कानून के मुताबिक सख्त फैसला लेने को कहा गया है। कानूनी जानकारों का कहना है कि अगर जांच में यह साबित हो गया कि यह सौदा ‘बेनामी’ तरीके से किया गया था, तो यह पूरी जमीन सरकारी कब्जे में ली जा सकती है। बता दें कि इस पूरे मामले की जड़ सोलन के एसडीएम की वह रिपोर्ट है, जिसने इस बड़े खेल से पर्दा उठाया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि कागजों पर तो जमीन एक स्थानीय किसान के नाम दिखाई गई थी, लेकिन असलियत में वहां फ्लैट बनाने, बेचने और मार्केटिंग का सारा काम एक ऐसी कंपनी (डेवलपर) कर रही थी, जो किसान श्रेणी में नहीं आती। जांच में पता चला है कि फ्लैट खरीदने वालों ने जो पैसा दिया, वह सीधे कंपनी के बैंक खातों में गया, जिससे यह साफ होता है कि प्रोजेक्ट का असली मालिक कोई और ही था।

मामला केवल नियमों के उल्लंघन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें करोड़ों रुपये के हेरफेर की आशंका भी जताई जा रही है। एसडीएम की रिपोर्ट में यह भी सवाल उठाए गए हैं कि कम आय होने के बावजूद इतनी बड़ी जमीन की खरीद-फरोख्त कैसे की गई। इस विवाद ने अब राजनीतिक और कानूनी मोड़ भी ले लिया है।

बता दें कि बीते दिनों हाईकोर्ट के वकील विनय शर्मा ने मुख्य सचिव के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए करीब 1500 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। वहीं, भाजपा और माकपा जैसी राजनीतिक पार्टियों ने भी इस मुद्दे पर सरकार और अधिकारियों को घेरना शुरू कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ी गिरफ्तारियां और खुलासे होने की उम्मीद है।

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