Chandigarh BJP Office Attack Case : चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा मुख्यालय पर हुए हैंड ग्रेनेड हमले की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने एक ऐसे युवक को दबोचा है, जिसकी कहानी किसी को भी हैरान कर सकती है। हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू का रहने वाला रूबल चौहान, जो कभी चंडीगढ़ में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहा था और अफसर बनने के ख्वाब देख रहा था, आज सलाखों के पीछे है।
उल्लेखनीय है कि पंजाब पुलिस की टीम ने दो दिन पहले टिक्कर तहसील के थाना गांव में दबिश देकर रूबल को उसके घर से गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया है कि नशे के जानलेवा शौक यानी ‘चिट्टे’ की लत ने उसे अपराधियों की संगत में धकेल दिया। पूछताछ के दौरान उसने कबूल किया कि वह ग्रेनेड हमला करने वाली गैंग के सदस्यों के साथ बैठकर चिट्टे का सेवन करता था और इसी नशे की चाहत ने उसे इस खौफनाक साजिश का हिस्सा बना दिया।
हलांकि रूबल का पारिवारिक बैकग्राउंड काफी मजबूत रहा है, जिससे उसके इस रास्ते पर जाने की खबर ने सबको चौंका दिया है। उसके दादा दिल्ली में संसद भवन में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जबकि पिता सुरेंद्र चौहान दिल्ली में ही अपना निजी व्यवसाय चलाते हैं। रूबल ने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई कोटखाई के टाऊ गांव से पूरी की थी और बेहतर भविष्य के लिए उसे चंडीगढ़ भेजा गया था। लेकिन पढ़ाई की जगह वह नशे के जाल में फंस गया।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में मोहाली की काउंटर इंटेलिजेंस पुलिस ने चंडीगढ़ और हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया और रेवाड़ी से दो मुख्य आरोपियों, गुरतेज सिंह और अमनप्रीत सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया है। ये दोनों रूपनगर के रत्तनगढ़ गांव के निवासी हैं और अब तक इस मामले में कुल सात गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
दरअसल, यह पूरी वारदात 1 अप्रैल 2026 की शाम करीब 5 बजे हुई थी, जब दो मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने भाजपा कार्यालय के बाहर पार्किंग एरिया में कम तीव्रता का हैंड ग्रेनेड फेंका था। हालांकि इस धमाके में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन वहां खड़े कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। हमलावरों ने दहशत फैलाने के मकसद से ग्रेनेड की पिन निकालते हुए एक वीडियो भी बनाया था, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।
पुलिस का मानना है कि इस हमले के पीछे की कड़ियां सरहद पार से जुड़ी हैं। खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा से जुड़े सुखजिंदर सिंह बब्बर ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे पुरानी घटनाओं का बदला बताया है, वहीं जांच में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और विदेशी हैंडलर बलजोत लाड़ी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। फिलहाल रूबल चौहान समेत अन्य आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं, जिनसे इस बड़ी साजिश की हर परत खोलने की कोशिश की जा रही है।


















