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Air India CEO Search: कैंपबेल विल्सन के इस्तीफे के बाद टाटा समूह ने शुरू की नए उत्तराधिकारी की तलाश

Campbell Wilson Air India: कैंपबेल विल्सन के इस्तीफे के बाद एयर इंडिया ने नए CEO की खोज तेज कर दी है। विल्सन का कार्यकाल चुनौतियों और जून 2025 के विमान हादसे के साये में रहा, लेकिन उनके नेतृत्व में एयरलाइन के आधुनिकीकरण की नींव भी रखी गई।
Published on: 7 April 2026
Air India CEO Search: कैंपबेल विल्सन के इस्तीफे के बाद टाटा समूह ने शुरू की नए उत्तराधिकारी की तलाश

Air India CEO Search: टाटा समूह के स्वामित्व वाली विमानन कंपनी एयर इंडिया ने अपने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) की खोज आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। यह निर्णय कैंपबेल विल्सन के इस्तीफे की पुष्टि के ठीक एक दिन बाद लिया गया है। कंपनी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि अगले कुछ महीनों के भीतर विल्सन के उत्तराधिकारी की नियुक्ति के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।

विल्सन, जो मूल रूप से न्यूजीलैंड के निवासी हैं, ने साल 2022 में एयर इंडिया के निजीकरण के बाद इसकी कमान संभाली थी। हालांकि, उन्होंने अपना पांच साल का निर्धारित कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद छोड़ने का निर्णय लिया है। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि विल्सन ने 2024 में ही टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को 2026 में इस्तीफा देने की अपनी योजना से अवगत करा दिया था।

चुनौतियों से भरा रहा विल्सन का कार्यकाल
कैंपबेल विल्सन के नेतृत्व में एयर इंडिया ने सरकारी स्वामित्व से निजी नियंत्रण में परिवर्तन के एक जटिल दौर का सामना किया। उनके कार्यकाल के दौरान बेड़े के आधुनिकीकरण और सेवा मानकों में सुधार के प्रयासों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की समस्याओं और विमानों की डिलीवरी में देरी जैसी बाधाओं से जूझना पड़ा।

विल्सन के कार्यकाल के दौरान सबसे दुखद घटना जून 2025 में हुई, जब अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर (फ्लाइट 171) उड़ान भरने के कुछ समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार 242 में से 241 लोगों की मृत्यु हो गई थी, जबकि जमीन पर मौजूद 19 अन्य लोगों ने भी अपनी जान गंवाई थी।

भविष्य की तैयारियों पर विल्सन का संदेश
कर्मचारियों को लिखे एक आंतरिक पत्र में विल्सन ने कहा कि एयरलाइन अब विकास के अगले चरण में प्रवेश करने के लिए तैयार है। उन्होंने अपनी उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि उनके कार्यकाल में एयरलाइन ने अपने सिस्टम को आधुनिक बनाया और बेड़े में 100 नए विमान शामिल किए। साथ ही, पुराने छोटे विमानों (Narrow-body) के आंतरिक हिस्सों का नवीनीकरण लगभग पूरा हो चुका है।

विल्सन ने अपने पत्र में लिखा-“2027 से हमारे लगभग 600 विमानों के विशाल ऑर्डर की डिलीवरी शुरू होने वाली है। मेरा मानना है कि एयर इंडिया के विकास के अगले चरण के लिए नेतृत्व की बागडोर सौंपने का यह बिल्कुल सही समय है।”

जब तक नए सीईओ की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक कैंपबेल विल्सन अपने पद पर बने रहेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि एयर इंडिया एक ‘विश्व स्तरीय वैश्विक वाहक’ के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करेगी। विल्सन ने अपने 30 साल के विमानन करियर के इस अध्याय को एक सम्मान बताते हुए अपने पत्र का समापन ‘जय हिंद’ के साथ किया।

वर्तमान में टाटा समूह दो एयरलाइन ब्रांडों का संचालन कर रहा है, जिसमें फुल-सर्विस ‘एयर इंडिया’ और ‘एयर इंडिया एक्सप्रेस’ शामिल हैं। नए सीईओ के सामने अब 2027 से शुरू होने वाले बड़े विमान ऑर्डर को संभालने और कंपनी की लाभप्रदता को स्थिर करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

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