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IAF Naliya Base Israel Strike: चाबहार हमले में इजरायली विमानों को IAF की मदद का दावा ‘फर्जी’, PIB ने पाकिस्तानी दुष्प्रचार को किया बेनकाब

PIB Fact Check: भारत ने इजरायली जेट विमानों को रसद सहायता या ईंधन देने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। पीआईबी (PIB) ने गुजरात के नलिया एयरबेस के इस्तेमाल से जुड़ी खबरों को 'दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार' करार देते हुए जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है।
IAF Naliya Base Israel Strike: चाबहार हमले में इजरायली विमानों को IAF की मदद का दावा 'फर्जी', PIB ने पाकिस्तानी दुष्प्रचार को किया बेनकाब

IAF Naliya Base Israel Strike: भारत सरकार ने उन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि भारतीय वायु सेना (IAF) ने ईरान के चाबहार बंदरगाह पर कथित हमले से पहले इजरायली विमानों को ईंधन या कोई रसद सहायता प्रदान की थी। आधिकारिक स्तर पर इन आरोपों को ‘दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार’ (Malicious Disinformation) करार देते हुए स्पष्ट किया गया है कि इसके पीछे पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा नेटवर्क सक्रिय हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर प्रसारित कुछ पोस्ट में दावा किया गया था कि इजरायल के ‘चैनल 24’ की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात स्थित भारतीय वायु सेना के नलिया एयरबेस का उपयोग इजरायली जेट विमानों को रिफ्यूलिंग के लिए किया गया। इन दावों का संज्ञान लेते हुए प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक टीम ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से फर्जी खबर है।

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पीआईबी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि गुजरात के नलिया एयरबेस ने हालिया इजरायली हमले के दौरान रसद सहायता दी। यह नैरेटिव भ्रम पैदा करने और तनाव भड़काने के उद्देश्य से गढ़ा गया है।” अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे अपुष्ट जानकारी साझा न करें और केवल आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करें।

यह पहली बार नहीं है जब भारतीय सुरक्षा बलों को लेकर इस तरह के भ्रामक दावे किए गए हों। इससे पहले थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी का एक छेड़छाड़ किया गया (Doctoring) वीडियो भी सामने आया था, जिसमें दावा किया गया था कि भारत ने ईरानी युद्धपोत ‘IRIS देना’ की सटीक लोकेशन इजरायल के साथ साझा की थी। वास्तविकता यह थी कि ‘IRIS देना’ विशाखापत्तनम में नौसेना के कार्यक्रम से लौट रहा था, तभी श्रीलंका के तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा दागे गए टॉरपीडो का शिकार हो गया। इस दुर्घटना में जहाज पर सवार 130 कर्मियों में से 87 की मृत्यु हो गई थी।

इसी तरह, पूर्व अमेरिकी कर्नल डगलस मैकग्रेगर के उस दावे को भी विदेश मंत्रालय और पीआईबी ने खारिज किया है, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका ईरान पर हमले के लिए भारतीय बंदरगाहों का उपयोग कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये सभी दावे निराधार और मनगढ़ंत हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत की संप्रभुता और उसके सैन्य अड्डों का उपयोग किसी विदेशी संघर्ष में किसी भी पक्ष द्वारा नहीं किया जा रहा है।

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