Shimla Police Arrested Nepal Smugglers: हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करों के विरुद्ध जारी अभियान में शिमला पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिला के कुमारसैन थाना अंतर्गत नारकंडा क्षेत्र में एक विशेष ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में नशीला पदार्थ और नकदी बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने नेपाल मूल के तीन नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जिनसे 9.28 किलोग्राम अफीम और 12 लाख रुपये की संदिग्ध राशि जब्त की गई है।
यह कार्रवाई डिटेक्शन सेल रामपुर की टीम द्वारा 10 अप्रैल को अंजाम दी गई। पुलिस टीम जब नारकंडा क्षेत्र में गश्त और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर तैनात थी, तभी एक विश्वसनीय सूत्र से गुप्त सूचना प्राप्त हुई। सूचना में बताया गया कि एक विशेष इनोवा वाहन में मादक पदार्थों की बड़ी खेप ले जाई जा रही है, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल रणनीतिक नाकाबंदी कर दी।
तलाशी के दौरान बरामद हुई भारी खेप
पुलिस द्वारा लगाए गए नाके पर जब संदिग्ध इनोवा को रोका गया, तो उसमें सवार व्यक्तियों ने घबराहट दिखाई। संदेह होने पर स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में वाहन की बारीकी से तलाशी ली गई। इस दौरान गाड़ी के भीतर से 9.28 किलोग्राम अफीम बरामद हुई। नशीले पदार्थ के साथ ही पुलिस ने 12 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की है। पुलिस का मानना है कि यह राशि नशे की तस्करी से कमाई गई है।
नेपाली मूल के तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से ही तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। इनकी पहचान एन बहादुर उर्फ राजू (41 वर्ष), चक्रा बहादुर (25 वर्ष) और मोहन साही (44 वर्ष) के रूप में हुई है। ये तीनों आरोपी मूल रूप से नेपाल के रहने वाले हैं। पुलिस अब इस बात की गहनता से पूछताछ कर रही है कि ये लोग कितने समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस थाना कुमारसैन में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 18 और 29 के तहत एफआईआर संख्या 27/2026 दर्ज कर ली गई है। डीएसपी रामपुर नरेश शर्मा ने पुष्टि की है कि आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है ताकि पुलिस रिमांड हासिल कर मामले की विस्तृत जांच की जा सके।
नेटवर्क की जड़ें खंगाल रही पुलिस
शिमला पुलिस अब इस तस्करी गिरोह के ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक्स’ की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अफीम की इतनी बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और इसे राज्य में किन स्थानों पर सप्लाई किया जाना था। इस ऑपरेशन के जरिए पुलिस पूरे नेटवर्क की मुख्य जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।





















