Bilaspur News: हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर स्थित घुमारवीं बस स्टैंड पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दो महिलाओं ने एक निजी बस परिचालक (कंडक्टर) की सरेआम चप्पलों से पिटाई कर दी। दिनदहाड़े हुई इस हिंसक घटना को देख मौके पर स्थानीय लोगों और यात्रियों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा।
पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पीड़ित की पहचान जोगिंद्र सिंह के रूप में हुई है। जोगिंद्र सिंह गांव सुमाड़ी (डाकघर लैहड़ी सरेल, तहसील घुमारवीं) का निवासी है और वर्तमान में हुसैन बस सर्विस में बतौर कंडक्टर कार्यरत है।
बीच सड़क पर ननद और भाभी का हंगामा
पीड़ित जोगिंद्र सिंह ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वंदना कुमारी और उसकी भाभी ने उसे बस स्टैंड पर रोका। आरोप है कि दोनों महिलाओं ने पहले उसे अपशब्द कहे और फिर अचानक गाली-गलौच करते हुए उस पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान कंडक्टर के कपड़े भी फट गए।
सोने की चेन गायब, पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीड़ित ने अपनी शिकायत में एक और गंभीर आरोप लगाया है। जोगिंद्र के मुताबिक, इस छीना-झपटी और मारपीट के दौरान उसके गले में पहनी हुई सोने की चेन भी कहीं गायब हो गई है। घटना के समय वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत करवाया। इसके तुरंत बाद पीड़ित ने थाना घुमारवीं में शिकायत दर्ज कराई।
पिटाई की पीछे की असल वजह
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह विवाद आपसी रंजिश से जुड़ा है। दरअसल, आरोपी महिला का पति और पीड़ित जोगिंद्र सिंह एक ही फर्म में कंडक्टर के तौर पर काम करते हैं। मुख्य विवाद महिला और उसके पति के बीच चल रहा था, जिसकी गाज जोगिंद्र पर गिरी। शुरुआती छानबीन में पुलिस महिला के पक्ष को संदिग्ध मान रही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक घुमारवीं के डीएसपी विशाल वर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस बस स्टैंड के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि घटना की सच्चाई का पता लगाया जा सके। फिलहाल मामले में गहन छानबीन जारी है।



















