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दवा विक्रेता-क्लिनिक संचालक कोरोना लक्षण वाले मरीजों को टेस्ट के लिए करें प्रोत्साहित:- चेतसिंह

एसडीएम आनी चेत सिंह

-कहा- बुजुर्गों बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर भारी पड़ सकती है कोरोना टेस्ट न करने की प्रवृति
-टेस्ट न करवाने की प्रवृति से जान जोखिम में और संक्रमण की चेन तोड़ना मुश्किल
विनय गोस्वामी /आनी
दवा विक्रेता और क्लिनिक संचालकों के पास यदि कोरोना लक्षण वाले मरीज आते हैं तो वो उनको कोरोना टेस्ट करने के लिए प्रोत्साहित करें। एसडीएम आनी चेत सिंह ने आज ये अपील करते हुए कहा कि कोविड 19 लक्षण वाले मरीजों का टेस्ट न करना उनके परिवार और समाज के लोगों पर भारी पड़ सकता है। एसडीएम ने आज स्वंय आनी में दवा विक्रेताओं और क्लिनिक में जाकर इस संबंध में अपील भी की और कोरोना लक्षण वाले मरीजों से पूछताछ भी की। उन्होंने अपील की कि कोरोना टेस्ट अवश्य करवाएं ताकि हम अन्य लोगों की जिंदगी को खतरे में न डालें।

एसडीएम चेत सिंह का कहना है कि लोग परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी समझें और कोरोना टेस्ट अवश्य करवाएं। उनका कहना है कि लोगों में ये प्रवृति देखी जा रही है कि कोरोना जैसे लक्षण होने पर लोग दवा विक्रेता से दवा लेकर स्वंय इलाज कर रहे हैं या फिर निजी क्लिनिक में खांसी जुकाम और बुखार की दवा लेकर इलाज शुरु कर रहे हैं। कई लोग इसे टायफॉयड और निमोनिया जैसी बीमारी समझकर खुद इलाज कर रहे हैं। इस तरह की स्थिती में लोग अपनी जान को तो जोखिम में डाल रहे हैं, साथ ही बुजुर्गों, बच्चों और पहले से विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त लोगों के जीवन को भी खतरे में डाल रहे हैं। खुद इलाज करने से कुछ लोगों में कोरोना के लक्षण कम हो सकते हैं लेकिन परिवार के अन्य लोगों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। क्योंकि यदि किसी व्यक्ति में कोविड 19 वॉयरस होगा और वह स्वंय इलाज शुरु करता है तो वह आइसोलेशन में नहीं रहेगा, इस स्थिति में वह व्यक्ति परिवार और समाज के अन्य लोगों को संक्रमित कर सकता है। उन्होंने दवा विक्रेताओं और क्लिनिक संचालकों से विशेष तौर पर अपील की है कि मुनाफे के चक्कर में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ न करें बल्कि मरीजों का सही मार्गदर्शन कर उनको कोरोना टेस्ट करने के लिए कहें। यदि कोरोना पॉजीटिव व्यक्ति स्वास्थ्य विभाग के संज्ञान में नहीं होगा तो कोरोना से उपजी आपात स्थिती में उसको जरूरी इलाज नहीं दिया जा सकेगा।

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क्यों करवाएं कोरोना टेस्ट
एसडीएम चेत सिंह का कहना है कि कोरोना टेस्ट इसलिए अवश्य करवाएं क्योंकि किसी भी व्यक्ति को इस बीमारी के कारण आपात स्थिती का सामना करना पड़ सकता है। यदि कोई बिना टेस्ट के घर में इलाज शुरु करता है और उसे कोरोना हो तो आपात स्थिती में ऐसे व्यक्ति का इलाज मुश्किल हो जाता है। गंभीर स्थिती में तो मेडिकल कॉलेज भी ऐसे लोगों को रेफर नहीं किया जा सकेगा। इसलिए यदि कोरोना टेस्ट समय रहते किया जाए तो आपात स्थिती से निपटना आसान हो जाता है। उनका कहना है कि यदि कोरोना जैसे लक्षण लोगों को आएं तो टेस्ट करवाने से पहले खुद को आइसोलेट जरूर करें। इसके बाद टेस्ट करवाएं। पॉजीटिव आने पर डॉक्टर के सलाह पर उपचार शुरु करें। कोरोना टेस्ट पॉजीटिव आने के बाद व्यक्ति को आइसोलेशन में जाना होता है ताकि कोरोना का संक्रमण अन्य को न हो। आशा वर्कर की नजर कोरोना संक्रमित पर रहेगी और डॉक्टरी सलाह के लिए स्वास्थ्य विभाग भी सहायता करेगा। इसके अलावा मरीज स्वंय भी डॉक्टरों से सलाह ले सकेगा। दवा बदलनी है या फिर अन्य उपचार करना है इस संबंध में भी सलाह ली जा सकेगी। जबकि बिना टेस्ट ये सब संभव नहीं होगा। इसलिए यह टेस्ट करना आवश्यक है। एसडीएम ने कहा है कि कोरोना जैसे लक्षण आने पर टेस्ट करना अति आवश्यक समझें।

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शादी में 50 लोगों से ज्यादा न हों
एसडीएम चेत सिंह का कहना है कि सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार शादी में 50 लोगों से ज्यादा लोग न हों। उपमंडल में इसकी निगरानी के लिए गठित उड़न दस्तों और प्रशासन की मामले पर नजर है। ऐसे में लोग सहयोग करें और प्रशासन को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर न करें। लोग मॉस्क पहने, बार बार हाथ धोएं, सामाजिक दूरी बनाए रखें।

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आज स्वास्थ्य विभाग ने किए दर्जनों टेस्ट
एसडीएम चेत सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से निरंतर कोविड 19 टेस्ट किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज दलाश में 45 रेपिड एंटीजन टेस्ट लिए हैं जिसमें से 2 पॉजीटिव पाए गए हैं। इसी तरह निरमंड में इसके तहत 25 टेस्ट किए गए जिसमें से 1 पॉजीटिव पाया गया है। निरमंड में ही आरटीपीसीआर के 24 सेंपल मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं। आनी में 14 सेंपल आरटीपीसीआर से लिए गए हैं जोकि मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं। इसकी रिपोर्ट आना बाकि है। एसडीएम का कहना है कि रेपिड टेस्ट में संक्रमण की दर में कमी पाई गई है और लोग इसके लिए बधाई के पात्र हैं क्योंकि वह एहतियात बरत रहे हैं।

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