Gucci AI Smart Glasses launch: लग्जरी फैशन की दुनिया में अब तकनीक का दबदबा बढ़ने वाला है। लग्जरी ब्रांड ‘गूची’ (Gucci) की मूल कंपनी ‘केरीिंग’ (Kering) ने गूगल (Google) के साथ एक महत्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा की है। इस रणनीतिक साझेदारी का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस चश्मों का निर्माण करना है। यह कदम फैशन और तकनीक के बढ़ते तालमेल को दर्शाता है।
केरीिंग के सीईओ लुका डी मेओ ने रॉयटर्स से बातचीत में इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कंपनी अपने इस नए उत्पाद को साल 2027 तक बाजार में लाने की योजना पर काम कर रही है। यह पहल कंपनी की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वे अपने ज्वेलरी और आईवियर जैसे छोटे व्यापारिक क्षेत्रों का विस्तार करना चाहते हैं।
वर्तमान में आईवियर और ज्वेलरी सेगमेंट कंपनी के कुल राजस्व का एक सीमित हिस्सा ही हैं। गूगल के साथ यह करार लग्जरी फैशन डिजाइन को अत्याधुनिक तकनीकों के साथ जोड़ने का एक प्रयास है। इसके माध्यम से कंपनी नए राजस्व स्रोत तलाशने और उपभोक्ता की बदलती प्राथमिकताओं के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश कर रही है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि यह कदम केरीिंग को तकनीक और फैशन के उस क्षेत्र में खड़ा कर देगा, जहां पहले से ही एसीलॉर-लक्सोटिका (EssilorLuxottica) जैसी कंपनियां सक्रिय हैं। एसीलॉर-लक्सोटिका पहले से ही मेटा (Meta) के साथ मिलकर ‘रे-बैन’ (Ray-Ban) स्मार्ट ग्लास पर काम कर रही है।
इस साझेदारी के साथ ही केरीिंग अपने प्रमुख ब्रांड ‘गूची’ को फिर से मजबूती देने की दिशा में भी काम कर रही है। पिछले कुछ समय से कंपनी की बिक्री में सुस्ती देखी गई है। लुका डी मेओ का कहना है कि ब्रांड को अपनी मूल पहचान और डिजाइन भाषा से फिर से जुड़ने की आवश्यकता है।
लुका डी मेओ के अनुसार, “गूची के 105 वर्षों के इतिहास में कुछ ऐसे सौंदर्य कोड हैं जो तुरंत पहचाने जाते हैं। कभी हमने उनका उपयोग नहीं किया और कभी हमने उनका अत्यधिक उपयोग किया।” कंपनी अब उन मूल पहचानों को वापस लाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है जो ब्रांड की नींव हैं।
वैश्विक बाजार में आ रहे बदलावों को लेकर डी मेओ ने अपनी चिंता और रणनीति दोनों साझा की। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक कारकों और उपभोक्ताओं के बदलते मिजाज का लग्जरी मांग पर सीधा असर पड़ रहा है। कंपनी को अब एक बहुध्रुवीय (Multipolar) दुनिया के हिसाब से अपने मॉडल को ढालने की जरूरत है।
डी मेओ ने स्पष्ट किया कि अब वह दौर नहीं रहा जब दुनिया के हर कोने में एक ही तरह का लग्जरी कॉन्सेप्ट थोपा जा सके। उनका मानना है कि ऑस्ट्रेलिया से लेकर अलास्का तक, एक ही रणनीति काम नहीं करेगी। आने वाले दशकों में बाजार की प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए स्थानीय और अलग-अलग दृष्टिकोण अपनाना अनिवार्य है।
गूगल के साथ यह साझेदारी केरीिंग के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। यदि 2027 में यह स्मार्ट ग्लास लॉन्च होते हैं, तो यह न केवल कंपनी के पोर्टफोलियो में एक नया आयाम जोड़ेंगे, बल्कि लग्जरी फैशन और वियरेबल टेक्नोलॉजी के बीच के अंतर को भी काफी हद तक कम कर देंगे।
















