Himachal Pradesh Weather Update: मई के महीने की शुरुआत के साथ ही हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है। भीषण गर्मी और तपती धूप की उम्मीद लगाए बैठे प्रदेशवासियों और पर्यटकों को अब अचानक तेज बारिश और सर्द हवाओं का सामना करना पड़ रहा है। रविवार की सुबह शिमला सहित राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। सुबह से ही मौसम ने ऐसा रंग बदला की चारो तरफ अँधेरा ही अँधेरा हो गया।
मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में आने वाले कुछ दिनों तक मौसम के खराब रहने की चेतावनी जारी की है। इस अप्रत्याशित बदलाव का सीधा असर जनजीवन के साथ-साथ कृषि और बागवानी पर भी पड़ना शुरू हो गया है। बता दें कि रविवार की सुबह शिमला में सामान्य रूप से धूप खिली हुई थी, लेकिन सुबह करीब आठ बजे मौसम ने अचानक खतरनाक रुख अपना लिया। कुछ ही मिनटों में आसमान में काले बादल छा गए और पूरे शहर में घना अंधेरा पसर गया।
स्थिति इतनी गंभीर थी कि दिन के उजाले में भी लोगों को अपने घरों और दफ्तरों में लाइटें जलानी पड़ीं। तेज गर्जना और सर्द हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को पूरी तरह से हैरान कर दिया। इस अचानक आए बदलाव के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो ठंड ने एक बार फिर वापसी कर ली है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्रदेश भर में अगले चार दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना बनी हुई है। विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार चार मई को कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
इसके अलावा, सोमवार को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा और कांगड़ा सहित कुल 10 जिलों में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में पांच मई को भी मौसम के इसी प्रकार खराब रहने की संभावना है।
मौसम विभाग का कहना है कि इस खराब मौसम के कारण अगले 24 से 48 घंटों के भीतर अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की उम्मीद है। भीषण गर्मी के इस दौर में तापमान गिरने से लोगों को गर्मी से राहत तो मिल सकती है, लेकिन इसके साथ ही प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
उधर रविवार की सुबह ही कांगड़ा जिले के जसवां-प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नलसुहा के वार्ड नंबर-4 में कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिला है। यहां तेज तूफान और बादलों की गड़गड़ाहट के बीच आकाशीय बिजली गिरने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में दो बेसहारा मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गई।
स्थानीय निवासियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे क्षेत्र का मौसम अचानक खराब हो गया था। तेज तूफान और बारिश के बीच आसमान से बिजली की एक तेज कड़कड़ाहट की आवाज आई, जो पास ही स्थित प्राचीन पीपल के पेड़ पर आ गिरी। आकाशीय बिजली इतनी ज्यादा तीव्र थी कि पेड़ के नीचे खड़े दो बेसहारा मवेशी इसकी चपेट में आ गए और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
आकाशीय बिजली की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिजली गिरने के बाद विशाल पीपल का पेड़ धू-धू कर जलने लगा। घटना के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसके अलावा, तेज तूफान के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में पेड़ टूटने और नुकसान होने की खबरें सामने आई हैं। कई घरों की छतें उड़ गई हैं, और आकाशीय बिजली गिरने से हुए अन्य नुकसान की भी सूचनाएं मिल रही हैं।
खराब मौसम का सीधा असर प्रदेश की कृषि पर पड़ता दिख रहा है। मौसम की यह मार सबसे अधिक उन किसानों पर पड़ रही है जिनकी फसलें इस समय खेतों में तैयार खड़ी हैं। निचले इलाकों में गेहूं की कटाई का सीजन चल रहा है। अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि से कटी और खड़ी फसल के खराब होने का डर सता रहा है, जिससे अन्नदाताओं के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुमान अनुसार 6 मई के बाद मौसम में कुछ सुधार आना शुरू होगा। 6 और 7 मई को हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन 8 मई तक ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम के साफ होने के आसार हैं। जिससे किसानों बागवानों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
















