Manimahesh Yatra 2026 Date: भारत की राजनीति के इतिहास में पहली बार कोई प्रमुख राष्ट्रीय स्तर का नेता हिमाचल प्रदेश के ऊंचे पहाड़ों में स्थित मणिमहेश यात्रा में हिस्सा ले सकता है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इसी साल 2026 में होने वाली मणिमहेश यात्रा में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। चंबा जिले की सबसे बड़ी और प्रमुख धार्मिक यात्राओं में से एक मणिमहेश यात्रा हर साल अगस्त के महीने में शुरू होती है। इस दौरान देश और विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु चंबा पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूरी करने के लिए प्रार्थना करते हैं।
इस महत्वपूर्ण यात्रा को लेकर कांग्रेस पार्टी की ओर से बड़ा दावा किया गया है। बता दें कि हाल ही में कांगड़ा में हुए संगठन सम्मेलन के दौरान राहुल गांधी धर्मशाला पहुंचे थे। इस सम्मेलन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच यह विषय चर्चा में आया। कांग्रेस पार्टी के नेताओं के अनुसार, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस वर्ष चंबा जिले की पवित्र मणिमहेश यात्रा में हिस्सा लेने के लिए पहुंचेंगे, जो अपने आप में एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष सुरजीत सिंह भरमौरी ने इस विषय पर विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि हाल ही में संपन्न हुए संगठन सम्मेलन के दौरान उनकी मुलाकात लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष, और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी से हुई थी। इस मुलाकात में उन्होंने राहुल गांधी को मणिमहेश यात्रा पर आने के लिए आमंत्रित किया था। जिला अध्यक्ष के अनुसार, राहुल गांधी ने इस निमंत्रण को बहुत सहजता के साथ स्वीकार कर लिया है। उनके इस दौरे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुरजीत सिंह भरमौरी ने यह भी स्पष्ट किया कि राहुल गांधी अक्सर विभिन्न राज्यों में प्रमुख धार्मिक और पवित्र स्थलों तक पहुंचने के प्रयास करते रहते हैं। इससे पहले भी वह देश के अन्य बड़े राज्यों में स्थित महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों का दौरा कर चुके हैं। यदि राहुल गांधी इस वर्ष मणिमहेश यात्रा के लिए पहुंचते हैं, तो वह चंबा जिले के इस पवित्र स्थल पर पहुंचने वाले पहले बड़े राष्ट्रीय नेता बन जाएंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस यात्रा का समय बेहद अहम है। हिमाचल प्रदेश में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इस संभावित दौरे को 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के नाम से जाना जाता है और यहां के कई धार्मिक स्थलों से लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। राजनीतिक दलों के लिए इन क्षेत्रों का दौरा करना और जनभावनाओं को समझना काफी मायने रखता है।
उल्लेखनीय है कि पारंपरिक तौर पर अगस्त महीने में शुरू होने वाली मणिमहेश यात्रा के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष प्रबंध किए जाते हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए हेलीकॉप्टर की सेवाएं भी उपलब्ध रहती हैं। इसके अलावा, अधिकतर श्रद्धालु चंबा से पैदल यात्रा करते हुए मणिमहेश की पवित्र डल झील तक पहुंचते हैं। श्रद्धालु डल झील में पवित्र स्नान करने के बाद अपनी यात्रा पूरी करते हैं और आशीर्वाद लेकर वापस लौटते हैं।
















