Copper Price Today: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनावों के बीच धातु बाजार में बड़ी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। फारस की खाड़ी में ईरान और अमेरिका के बीच हुई गोलीबारी और तनाव बढ़ने के कारण कॉपर (तांबा) की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इस घटनाक्रम ने संभावित सीजफायर पर संदेह पैदा कर दिया है, जिससे आने वाले समय में संघर्ष के और बढ़ने की चिंताएं बढ़ गई हैं।
शुक्रवार को 7 सेशन में पहली बार हरे निशान में बंद होने के बाद, लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर कॉपर की कीमतों में 1.7 प्रतिशत तक की गिरावट आई। इसके अलावा, शंघाई टाइम के अनुसार सुबह 10:02 बजे तक LME पर कॉपर 1 प्रतिशत गिरकर 12,863 डॉलर प्रति टन पर कारोबार कर रहा था।
ईरान और अमेरिका के बीच उपजे इस विवाद के दौरान, अमेरिकी सेना ने ईरानी हमलों का मुकाबला किया और होर्मुज स्ट्रेट से दो अमेरिकी-झंडे वाले जहाजों को सुरक्षित निकालने में मदद की। इसी दौरान यूनाइटेड अरब अमीरात के फुजैराह पोर्ट पर एक ड्रोन हमला भी हुआ, जिसने बाजार की चिंताओं को और गहरा कर दिया। यूनाइटेड किंगडम में पब्लिक हॉलिडे होने के कारण सोमवार को लंदन मेटल एक्सचेंज बंद रहा था।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मेटल्स के लिए सबसे बड़ा रिस्क यह है कि स्ट्रेट लंबे समय तक बंद रह सकता है। इसके लंबे समय तक बंद रहने से एनर्जी शॉक बढ़ सकता है, जिसके जवाब में सेंट्रल बैंक ज्यादा सख्त मौद्रिक रुख अपना सकते हैं। इसका सीधा असर वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग पर पड़ेगा और इंडस्ट्रियल कमोडिटीज की मांग में भारी कमी दर्ज की जा सकती है।
सप्लाई साइड की बात करें तो LME-ट्रैक्ड वेयरहाउस में कॉपर का स्टॉक 2013 के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर के करीब बना हुआ है। इस भारी आपूर्ति के बीच मांग घटने की आशंका से बाजार में मंदी का माहौल और बढ़ गया है। कॉपर के साथ-साथ अन्य धातुओं पर भी दबाव साफ देखा जा सकता है। एल्युमिनियम 0.9 प्रतिशत और जिंक 1.1 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं।
दूसरी ओर, सिंगापुर एक्सचेंज पर आयरन ओर (लौह अयस्क) फ्यूचर्स की कीमतों में कोई खास बदलाव दर्ज नहीं किया गया और यह 108.40 डॉलर प्रति टन के स्तर पर स्थिर बनी रही। चीन में अवकाश होने के कारण वहां ट्रेडिंग एक्टिविटी काफी धीमी रही, और चीनी मार्केट बुधवार को फिर से खुलने के बाद ही सही तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
















