Mamata Banerjee Alleges: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार (4 मई) को पश्चिम बंगाल चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की भारी जीत को अनैतिक करार दिया है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि 100 से अधिक सीटों पर जनादेश के साथ खिलवाड़ किया गया है। अपने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के मतगणना केंद्र से बाहर निकलते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी फिर से वापसी करेगी। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय बलों पर भी पक्षपाती होने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
ममता बनर्जी सोमवार दोपहर को लॉर्ड सिन्हा रोड स्थित सखावत मेमोरियल गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल के मतगणना केंद्र पर पहुंची थीं। बनर्जी उस समय वहां पहुंचीं जब तृणमूल कांग्रेस ने यह आरोप लगाया था कि उसके एक मतगणना एजेंट को वहां से जबरन बाहर निकाल दिया गया है। केंद्र के अंदर के हालात पर बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें वहां धक्का दिया गया और मारा गया। उन्होंने दावा किया कि हर जगह असामाजिक तत्वों को लगाया गया था। उन्होंने कहा कि शाम तीन बजे से वे लगातार हमले कर रहे हैं और उन्हें लात भी मारी गई।
टीएमसी प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि मतगणना केंद्र पर सीसीटीवी को बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा, “मैं पांच मिनट के लिए अंदर गई थी और मैंने अनुरोध किया था कि हमारे एजेंट को अंदर जाने दिया जाए। उन्होंने मुझे आश्वासन भी दिया था, लेकिन बाद में कोई उपलब्ध नहीं था। मैंने हर जगह शिकायत दर्ज कराई है।” जब ममता बनर्जी मतगणना केंद्र से बाहर निकलीं, तो बाहर मौजूद बीजेपी समर्थकों ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। बनर्जी ने पत्रकारों के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि भाजपा की जीत पूरी तरह से अनैतिक है।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मिलीभगत से केंद्रीय बलों की मदद ली गई और चुनाव आयोग की गतिविधियां पूरी तरह से अवैध थीं। टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि उन्हें निर्वाचन आयोग के कदाचार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल से भी शिकायत की थी, लेकिन उसका कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीसीटीवी बंद थे और उनके एजेंटों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
पश्चिम बंगाल की राजनीति का परिदृश्य पूरी तरह से बदल गया है। इस चुनाव में ममता बनर्जी ने न केवल 15 वर्षों से सत्ता में रही अपनी सरकार गंवा दी है, बल्कि उन्हें अपने पारंपरिक राजनीतिक गढ़ भवानीपुर में भी करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। भारतीय जनता पार्टी ने दो-तिहाई बहुमत के साथ सत्ता हासिल करके तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया है। भवानीपुर सीट पर हार ने ममता बनर्जी के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती पेश की है, जो उनके अस्तित्व के लिए एक बड़ा सवाल बन गई है।
इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,000 से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया है। भवानीपुर की इस हार ने पिछले विधानसभा चुनाव की नंदीग्राम सीट की यादों को ताजा कर दिया है, जहां उन्हें शुभेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। वर्ष 2021 में ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट हार गई थीं, लेकिन उन्होंने पूरे राज्य में अपनी पार्टी को शानदार जीत दिलाई थी। वहीं, 2026 के इस चुनाव में उन्हें अपनी सीट के साथ-साथ राज्य की सत्ता भी गंवानी पड़ी है।
















