Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

PM SVANidhi Yojana: रेहड़ी-पटरी वालों की चमकेगी किस्मत, अब लोन के साथ मिलेगा क्रेडिट कार्ड

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत अब स्ट्रीट वेंडरों को ₹30,000 तक की सीमा वाला क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा। बिना किसी गारंटी के मिलने वाले इस लोन और सरकारी सुविधाओं से छोटे व्यापारियों को आर्थिक रूप से बड़ा संबल मिलेगा।
Published on: 29 April 2026
PM SVANidhi Yojana: रेहड़ी-पटरी वालों की चमकेगी किस्मत, अब लोन के साथ मिलेगा क्रेडिट कार्ड

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Yojana) देश के लाखों रेहड़ी-पटरी संचालकों और छोटे दुकानदारों के लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरी है। कोरोना महामारी के उस दौर में जब लॉकडाउन के कारण छोटे स्तर पर व्यापार करने वाले लोगों की आर्थिक कमर पूरी तरह टूट गई थी, तब केंद्र सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य उन लोगों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना था, जो आमतौर पर औपचारिक ऋण सुविधाओं से दूर रहते हैं और साहूकारों के चंगुल में फंस जाते हैं।

इस योजना के विकास क्रम में अब एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पात्र स्ट्रीट वेंडरों को अब न केवल नकद लोन दिया जाएगा, बल्कि उन्हें क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। हरियाणा के सोनीपत में नगर परिषद (नप) ने इस दिशा में एक विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत वेंडरों को क्रेडिट कार्ड के लाभों के बारे में शिक्षित किया जा रहा है और उनके कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है।

इन विशेष क्रेडिट कार्डों के माध्यम से स्ट्रीट वेंडर ₹30,000 तक की राशि का उपयोग सीधे अपने व्यवसाय के विस्तार और दैनिक कार्यशील पूंजी की जरूरतों के लिए कर सकेंगे। यह कदम छोटे व्यापारियों को वित्तीय रूप से अधिक सशक्त बनाने की दिशा में उठाया गया है। इससे उन्हें माल खरीदने के लिए तत्काल नकदी की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे अपनी सुविधानुसार राशि का उपयोग कर पाएंगे।

पीएम स्वनिधि योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी ‘बिना गारंटी’ (Collateral Free) वाली ऋण नीति है। इस योजना को तीन मुख्य चरणों या किश्तों में विभाजित किया गया है ताकि वेंडरों पर कर्ज का बोझ एक साथ न पड़े। शुरुआत में, लाभार्थी को ₹10,000 का प्रारंभिक ऋण दिया जाता है, जिसकी अदायगी के लिए एक वर्ष की समयावधि निर्धारित की गई है। इस पहली किश्त का सफल भुगतान वेंडर की साख (Credit Score) को मजबूत करता है।

यदि वेंडर पहली किश्त का भुगतान समय पर और ईमानदारी से करता है, तो वह ₹20,000 के दूसरे ऋण के लिए पात्र हो जाता है। इसके बाद, वित्तीय अनुशासन दिखाने वाले वेंडरों को तीसरी किश्त के रूप में ₹50,000 का बड़ा लोन प्रदान किया जाता है। इस प्रकार, एक स्ट्रीट वेंडर अपने छोटे से व्यवसाय को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए कुल ₹80,000 तक की वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकता है।

सरकार इस योजना के माध्यम से वेंडरों को केवल कर्जदार नहीं बनाना चाहती, बल्कि उन्हें वित्तीय लाभ भी दे रही है। यदि लाभार्थी अपने लोन की किश्तों का भुगतान समय पर करते हैं, तो उन्हें वार्षिक 7 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी (Interest Subsidy) प्रदान की जाती है। यह सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है, जिससे प्रभावी ब्याज दर काफी कम हो जाती है।

डिजिटल इंडिया के विजन को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए, डिजिटल लेन-देन करने वाले वेंडरों को ₹1200 तक का वार्षिक कैशबैक भी दिया जाता है। यह प्रोत्साहन इसलिए दिया जा रहा है ताकि रेहड़ी-पटरी वाले भी क्यूआर कोड और यूपीआई जैसे आधुनिक भुगतान माध्यमों को अपनाएं। इस सरकारी योजना का पूर्ण लाभ प्राप्त करने के लिए वेंडरों को अपनी बैंकिंग क्रेडिबिलिटी बनाना आवश्यक है।

इस योजना का क्रियान्वयन भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) द्वारा किया जा रहा है। ऋण प्राप्त करने के लिए लाभार्थी विभिन्न वित्तीय संस्थानों जैसे अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs), स्मॉल फाइनेंस बैंक, सहकारी बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस और स्वयं सहायता समूह (SHG) बैंक भी इस प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं।

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को केवाईसी (Know Your Customer) प्रक्रिया पूरी करनी अनिवार्य है। इसके लिए आधार कार्ड (Aadhaar Card) और मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) अनिवार्य दस्तावेज हैं। इसके अतिरिक्त, ड्राइविंग लाइसेंस, मनरेगा कार्ड और पैन कार्ड को भी केवाईसी के लिए मान्य दस्तावेजों में शामिल किया गया है। आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए देश भर में फैले कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) को भी अधिकृत किया गया है।

कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने यह साबित कर दिया है कि अगर सही समय पर सही सहायता दी जाए, तो छोटे से छोटा व्यापारी भी अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है। यह योजना आने वाले समय में और ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी और लाखों परिवारों की जिंदगी में बदलाव लाती रहेगी।

Atmanirbhar BharatBusiness LoanFinancial InclusionGovernment SchemesPM SVANidhi Yojana

Join WhatsApp

Join Now