Smartphone GST Rate: भारत में स्मार्टफोन की मांग में दर्ज की गई गिरावट को संभालने और देश के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की रफ्तार बनाए रखने के लिए सरकार एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। खबरों के अनुसार, सरकार मोबाइल फोन पर लागू 18% GST की दर को घटाने के प्रस्ताव पर विचार कर सकती है।
इस महत्वपूर्ण विषय पर अगले महीने आयोजित होने वाली GST काउंसिल की बैठक में विस्तार से चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, काउंसिल की इस आगामी बैठक का आधिकारिक एजेंडा अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है। यह नया प्रस्ताव ऐसे समय में सामने आया है जब देश के स्मार्टफोन बाजार में बिक्री के आंकड़ों में भारी कमी देखी गई है।

काउंटरपॉइंट रिसर्च और आईडीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट में सालाना आधार पर 10 से 11 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है। आंकड़ों का विश्लेषण करें तो जून तिमाही में दर्ज की गई यह गिरावट पिछले छह वर्षों के इतिहास में सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है, जिसने बाजार की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भारत के बढ़ते उत्पादन आंकड़ों को देखते हुए यह कदम बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत में मोबाइल फोन का कुल उत्पादन ₹6.27 लाख करोड़ तक पहुंच गया। यह आंकड़ा इसी वित्त वर्ष के दौरान देश में हुए कुल ₹13.11 लाख करोड़ के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन का लगभग आधा हिस्सा है।
मामले से जुड़े एक सूत्र ने स्पष्ट किया कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि मौजूदा टैक्स दरें देश में जारी मोबाइल फोन उत्पादन की तेज रफ्तार को किसी भी तरह से प्रभावित न करें। इसी उद्देश्य से GST दर की समीक्षा का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। दरों में संभावित कटौती के साथ-साथ GST काउंसिल पिछली कटौतियों के प्रभाव की भी समीक्षा करने की योजना बना रही है।
काउंसिल यह जांचेगी कि पिछले साल टैक्स दरों में की गई कटौती का वास्तविक लाभ आम ग्राहकों तक पहुंचा है या नहीं। दरअसल, कई कंज्यूमर फोरम और माध्यमों से शिकायतें मिली हैं कि कंपनियों ने शुरुआती राहत के बाद कीमतों को वापस पुराने स्तर पर पहुंचा दिया है। इसके मद्देनजर, प्रभावित सामान की दरों को पुनः नीचे लाने और सुधारात्मक उपायों को लागू करने पर गंभीरता से चर्चा हो सकती है।
दूसरे सूत्रों के मुताबिक, GST सुधारों से हालांकि अधिकांश वस्तुओं की कीमतों में आम जनता को राहत मिली है, लेकिन कुछ कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और जीवनरक्षक दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। काउंसिल इन मूल्य वृद्धि के पीछे छिपे कारणों की गहन समीक्षा करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि कर कटौती का सीधा और पूरा फायदा अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचे।
यह पूरी कवायद सरकार द्वारा हाल ही में शुरू की गई एक बड़ी प्रोत्साहन योजना के ठीक बाद देखने को मिल रही है। 21 अगस्त को सरकार ने ₹62,500 करोड़ की नई मोबाइल फोन मैन्यूफैक्चरिंग स्कीम को अधिसूचित किया है। यह महत्वाकांक्षी योजना वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर 2030-31 तक कुल पांच वर्षों की अवधि के लिए संचालित होगी। इस योजना का मुख्य लक्ष्य देश में मोबाइल उत्पादन की गति को तेज करना, घरेलू वैल्यू एडिशन को बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को अत्यधिक मजबूत बनाना है।


















