Himachal Politics: हिमाचल प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयानों पर पलटवार किया है। शिमला में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान मंत्री ने पीएम मोदी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में जारी युद्ध की परिस्थितियों का हवाला देते हुए देश की जनता से अगले एक साल तक सोना न खरीदने और पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करने का आग्रह किया।
इस पर सुक्खू सरकार में मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने प्रधानमंत्री की इस सलाह को जनविरोधी करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार आम आदमी की जरूरतों को समझने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री हर सुबह इस सोच के साथ उठते हैं कि गरीबों को और अधिक गरीब कैसे बनाया जाए और उन्हें कैसे लूटा जाए। मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि टीवी पर बैठकर केवल बातें करने या “गप्पे मारने” से देश की जनता का भला नहीं होने वाला है।
सोने की खरीद पर प्रधानमंत्री की अपील का जवाब देते हुए अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि भारत में लोग अपनी गाढ़ी कमाई से बच्चों की शादी के लिए सोना खरीदते हैं। इसके अलावा, मध्यम वर्ग के लिए सोना निवेश का एक सुरक्षित जरिया माना जाता है। ऐसे में प्रधानमंत्री द्वारा लोगों को सोना न खरीदने की सलाह देना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की अपील कर रही है।
आर्थिक मोर्चे पर केंद्र को घेरते हुए कैबिनेट मंत्री ने डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमत का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये की वैल्यू 55 रुपये से गिरकर अब 95 रुपये तक पहुंच गई है। अनिरुद्ध सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) उतना महंगा नहीं हुआ है, जितना सरकार देश में तेल के दाम बढ़ाकर जनता पर बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इन वास्तविक आर्थिक चुनौतियों पर मौन साधे हुए हैं।
तेलंगाना में पीएम मोदी द्वारा हिमाचल की कांग्रेस सरकार पर लगाए गए आरोपों का भी मंत्री ने करारा जवाब दिया। प्रधानमंत्री ने कहा था कि हिमाचल की सरकार अपने कर्मचारियों को वेतन तक नहीं दे पा रही है। इस पर पलटवार करते हुए अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री को वास्तव में हिमाचल की जनता और कर्मचारियों की इतनी ही चिंता है, तो वे राज्य के बकाया जीएसटी (GST) के पैसे तत्काल जारी क्यों नहीं करते? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खुद राज्य के काम रोकते हैं और फिर सार्वजनिक मंचों से उसकी आलोचना भी स्वयं ही करते हैं।
अनिरुद्ध सिंह ने अपने संबोधन के दौरान कोरोना काल और कोविड वैक्सीन के मुद्दे पर भी विवादित बयान दिया। उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि जब देश में लाखों लोग ऑक्सीजन और इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे थे, तब प्रधानमंत्री थाली बजाने की अपील कर रहे थे। उन्होंने सवाल किया कि क्या थाली बजाने से किसी की जान बची? इसके साथ ही उन्होंने कोविड वैक्सीन की सुरक्षा पर भी संदेह जताया।
मंत्री ने दावा किया कि जिन लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई थी, अब उन्हें हार्ट अटैक (हृदयाघात) और विभिन्न प्रकार की नई बीमारियां हो रही हैं। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री केवल देश की जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। अनिरुद्ध सिंह ने अंत में दोहराया कि सत्ता का ध्यान केवल गरीबों का शोषण करने पर है और वे संवैधानिक पदों की गरिमा के बजाय केवल भाषणबाजी तक सीमित हैं।
















