Delhi Malviya Nagar Fire: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके से एक बेहद दर्दनाक और बड़ा हादसा सामने आया है। बुधवार सुबह यहां स्थित एक रेस्टोरेंट में भीषण आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस हादसे में जान गंवाने वालों में अधिकतर अफ्रीकी मूल के नागरिक शामिल थे।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल कर्मियों, स्थानीय पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया, जिसके तहत अब तक 27 लोगों को सुरक्षित बचाकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इस भीषण अग्निकांड के बाद स्थानीय भाजपा (BJP) विधायक सतीश उपाध्याय ने घटनास्थल का दौरा किया।
उन्होंने बताया कि जिस बिल्डिंग में यह दर्दनाक हादसा हुआ, वहां कुछ विदेशी नागरिकों के भी ठहरे होने की सूचना मिली है। मीडिया से बात करते हुए उपाध्याय ने कहा, “मेरी पहली प्राथमिकता बचाव अभियान है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। अगर जांच में यह पाया जाता है कि मालिक जरूरी लाइसेंस के बिना संचालन कर रहा था या किसी अन्य स्तर पर लापरवाही हुई है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
हादसे के बाद जो शुरुआती जानकारियां सामने आ रही हैं, वे बेहद चौंकाने वाली और नियामक व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, जिस लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में यह आग लगी, उसे केवल छह कमरों के निर्माण की अनुमति दी गई थी, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर वहां कुल 25 कमरे बनाए गए थे। इस कथित बड़ी अनियमितता ने स्थानीय प्रशासनिक नियामकीय निगरानी और अनुमति देने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अधिकारियों ने घटना के संबंध में बताया कि जब आग लगी, तब इमारत का बेसमेंट बाहर से पूरी तरह बंद था। अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव दल ने सबसे पहले ताला तोड़ा और फिर भीतर फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीतर आग और धुएं का गुबार इतना भीषण था कि अपनी जान बचाने के लिए कई लोगों ने खिड़कियों से नीचे छलांग लगा दी। प्रशासनिक तौर पर यह पूरा संवेदनशील इलाका साकेत पुलिस थाना क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आता है।
दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) से प्राप्त आधिकारिक टाइमलाइन के अनुसार, मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में सुबह लगभग 9 बजे आग लगने की पहली सूचना मिली थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शुरुआती चरण में तुरंत सात दमकल गाड़ियों को मौके के लिए रवाना किया गया। हालांकि, आग की भयावहता को देखते हुए बाद में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के उद्देश्य से 10 अतिरिक्त दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, जिससे कुल गाड़ियों की संख्या 17 हो गई।
दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुबह पौने दस बजे तक बेसमेंट का ताला तोड़कर 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज किया गया। सुबह लगभग 11:20 बजे सूचना मिली कि दमकल कर्मियों, पुलिस और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयासों से 25 अन्य लोगों को भी सुरक्षित बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया है। इसके बाद दोपहर तक दो और लोगों को मलबे और धुएं के बीच से सुरक्षित निकाल लिया गया, जिससे बचाए गए लोगों की कुल संख्या 27 तक पहुंच गई।
हादसे की भयावहता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और अन्य आपातकालीन एजेंसियों की कई टीमों को भी राहत एवं बचाव कार्य में झोंक दिया गया। मौके पर जुटी भारी भीड़ को नियंत्रित करने और रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा न आए, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और घटनास्थल तक आम लोगों की पहुंच को पूरी तरह सीमित कर दिया गया। इस भीषण हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गहरा दुख व्यक्त किया है और जानमाल के नुकसान पर शोक जताया है।
The loss of lives due to a fire incident in Malviya Nagar, Delhi is tragic. My condolences to those who have lost their loved ones. Wishing a speedy recovery to the injured. Authorities are providing all possible assistance to those affected.
An ex-gratia of Rs. 2 lakh from…
— PMO India (@PMOIndia) June 3, 2026
Deeply saddened by the tragic loss of lives in the devastating fire incident in Malviya Nagar.
My heartfelt condolences to the bereaved families. I pray for the speedy recovery of those injured and for strength & courage to all those affected by this heartbreaking tragedy.…
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) June 3, 2026

















