Punjab Paper Leak Controversy: पंजाब में विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच भर्ती परीक्षा के दौरान सामने आई अनियमितताओं को लेकर सीधे आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां एक तरफ मुख्यमंत्री ने पेपर लीक से पूरी तरह इनकार करते हुए इसे सिर्फ नकल का एक व्यक्तिगत प्रयास करार दिया है, वहीं विपक्ष इसे व्यापक धांधली और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बता रहा है।
न्यूज़ एजेंसी ANI से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूरे मामले पर सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य में किसी भी तरह का पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में एक भी परीक्षा का पर्चा लीक नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह मामला पेपर लीक का नहीं, बल्कि परीक्षा केंद्र के भीतर नकल करने का था।

घटनाक्रम की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि परीक्षा सुबह 11:00 बजे शुरू हुई थी और सुबह 11:15 बजे तक ही प्रशासन को इसकी जानकारी मिल गई थी। एक परीक्षार्थी ब्लूटूथ पेन की मदद से प्रश्न पत्र स्कैन कर बाहर भेज रहा था और हेडफोन के जरिए बाहर बैठे लोगों की मदद से परीक्षा दे रहा था।
#WATCH दिल्ली: पंजाब पेपर लीक मामले पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा,”पंजाब में पेपर लीक नहीं हुआ है ,साढ़े 4 साल हो गए हैं सरकार को पंजाब में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। हमारे पास नकल का मामला आया था 11 बजे पेपर शुरू हुआ था और 11:15 बजे तक हमें इस बारे में पता चल गया था… pic.twitter.com/aL8EWB8fWM
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इस सूचना के मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और मौके से 10 छात्रों समेत बाहर से मदद कर रहे गिरोह के 11 सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मान ने जोर देकर कहा कि पंजाब में सभी नियुक्तियां पूरी तरह मेरिट के आधार पर होती हैं और राज्य में पेपर लीक जैसी घटनाएं संभव नहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि यह परीक्षा शिक्षा विभाग की न होकर स्वास्थ्य विभाग से संबंधित थी। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने भी स्पष्ट किया है कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ, बल्कि केवल नकल का प्रयास किया गया था जिसे समय रहते रोक दिया गया और परीक्षा सही तरीके से संपन्न कराई गई। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस घटना को लेकर छात्रों ने कोई विरोध प्रदर्शन नहीं किया है।
राजा वड़िंग के आरोपों से गरमाई राजनीति कहा – “6 बार लीक हुआ पर्चा…”
वहीं दूसरी ओर, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री के दावों को खारिज करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजा वड़िंग ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यकाल में अब तक 6 बार पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन लगातार हो रही गड़बड़ियों की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा।
#WATCH दिल्ली: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने पंजाब में कथित पेपर लीक मामले पर कहा, “उनकी सरकार (पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान) के कार्यकाल में 6 बार पेपर लीक हुए हैं। इसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा?… इन पेपर लीक मामलों से पांच लाख से ज़्यादा छात्रों का… pic.twitter.com/Mqb4LQQ2LY
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 28, 2026
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इन भर्ती परीक्षाओं से 5 लाख से अधिक युवाओं और छात्रों का भविष्य जुड़ा हुआ है। सरकार इसे महज नकल का एक अलग मामला बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रही है, जबकि इसके पीछे एक बड़ी साजिश काम कर रही है। उन्होंने इस पूरी व्यवस्था और साजिश के पीछे मुख्यमंत्री और उनकी सरकार की नाकामी को जिम्मेदार ठहराया।


















