Cockroach Janata Party: हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा हाल ही में दिए गए बयानों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कंगना रनौत के वक्तव्यों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि उनकी खुद की पार्टी के लोग भी उनकी बातों पर अधिक ध्यान नहीं देते हैं। सौरव दास के अनुसार, जब भारतीय जनता पार्टी के सदस्य ही कंगना रनौत के बयानों को गंभीरता से नहीं लेते, तो ऐसे में किसी अन्य दल या आम जनता द्वारा उनकी बातों को महत्व देने का कोई औचित्य ही नहीं बनता।
मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने देश की युवा पीढ़ी का उल्लेख करते हुए अपनी बात आगे बढ़ाई। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मुझे नहीं लगता कि Gen Z, Gen Alpha या किसी भी अन्य युवा पीढ़ी का कोई भी व्यक्ति कंगना रनौत को गंभीरता से लेता है या उनकी बात सुनता है। सौरव दास ने यह संदेश देने की कोशिश की कि युवाओं के बीच सांसद कंगना रनौत के विचारों या बयानों का प्रभाव न के बराबर रह गया है और नई पीढ़ी उनसे खुद को जोड़कर नहीं देखती।

राजनीतिक जीवन की जिम्मेदारियों पर बात करते हुए सौरव दास ने ध्यान दिलाया कि अब कंगना रनौत एक आम नागरिक या अभिनेत्री मात्र नहीं हैं, बल्कि वे एक जनप्रतिनिधि और राजनेता हैं। उन्होंने कहा कि एक राजनेता के रूप में उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी अपनी जनता और संसदीय क्षेत्र के प्रति होनी चाहिए, लेकिन उनके व्यवहार और बयानों से उनकी अपनी गंभीरता पर सवाल खड़े होते हैं।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कंगना रनौत के हिमाचल प्रदेश दौरे के दौरान सामने आए कुछ वीडियो का संदर्भ भी दिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्थित अपने चुनाव क्षेत्र के दौरे के दौरान कंगना के कुछ वीडियो सार्वजनिक हुए थे। उन वीडियो में कंगना रनौत को यह कहते हुए सुना गया था कि उन्हें शुरुआत में लगा था कि सांसद के इस काम में बहुत कम मेहनत लगेगी, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि सांसद होने के नाते बहुत ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
सौरव दास ने इस बयान को आधार बनाते हुए कहा कि इस तरह की बातें खुद कंगना रनौत की अपनी गंभीरता को उजागर करती हैं। एक जनप्रतिनिधि के रूप में उन्हें पद संभालने से पहले ही अपनी जिम्मेदारियों और उसमें लगने वाली मेहनत का अंदाजा होना चाहिए था। चुनाव क्षेत्र के काम को लेकर दिए गए इस प्रकार के बयानों से यह साफ होता है कि वे अपने राजनीतिक पद और जनसेवा के दायित्वों को किस नजरिए से देखती हैं।
#WATCH दिल्ली: बीजेपी सांसद कंगना रनौत के बयान पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “उनकी अपनी पार्टी के सदस्य भी कंगना रनौत की बातों पर ज़्यादा ध्यान नहीं देते या उन्हें गंभीरता से नहीं लेते, तो हम क्यों लें? मुझे नहीं लगता कि Gen Z, Gen Alpha या किसी भी… pic.twitter.com/TPFN1L012X
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 28, 2026
कंगना ने प्रदर्शनकारी लड़कियों को बताया था ‘गटर जेनरेशन’
उल्लेखनीय है कि बॉलीवुड अभिनेत्री और मंडी से भाजपा की सांसद कंगना रनौत ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक के बाद एक कई स्टोरीज शेयर कीं। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP प्रोटेस्ट के दौरान वायरल हुए रील्स और वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा पर सख्त ऐतराज जताया। कंगना ने कहा, “मैंने अपने जीवन में इतना अटपटा और इतना भद्दा कुछ नहीं देखा। इन्हें किसने जन्म दिया, इन्हें कौन पाल-पोस रहा है?” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन वीडियो और रील्स को देखकर वह मानसिक रूप से परेशान हो चुकी हैं और अपनी मानसिक शांति के लिए सोशल मीडिया से दूर यानी ‘डिजिटल डिटॉक्स’ करने जा रही हैं।
प्रदर्शनकारियों के आचरण पर चिंता जताते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि GEN-Z के विरोध प्रदर्शनों की रील्स देखकर वह हैरान हैं और उन्हें बेहद बुरा लग रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह की असभ्य भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, वह चिंताजनक है। कंगना के अनुसार, हमारा भारत हमेशा से विविधता, सुंदरता, संस्कृति और शालीनता के लिए जाना जाता है। ऐसे में जब कोई अपमानजनक नामों का इस्तेमाल करता है और भद्दा व्यवहार करता है, तो यह हमारी महान भारतीय संस्कृति की गरिमा से बिल्कुल अलग और विपरीत दिखाई देता है।
कंगना रनौत ने प्रदर्शन में शामिल लड़कियों की वायरल रील्स पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें ‘गटर पीढ़ी’ तक कह दिया। उन्होंने लिखा कि ये भारतीय लड़कियां कथित तौर पर पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित हैं। ये न तो पढ़ाई-लिखाई में अच्छी हैं और न ही इनमें इतने शालीन संस्कार हैं कि ये भविष्य में एक अच्छी गृहिणी बन सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लड़कियां बिना किसी जवाबदेही के स्वतंत्र रूप से जीने का ढोंग करती हैं और आजादी के नाम पर शराब व नशीली दवाओं के सेवन को गर्व से सोशल मीडिया पर पोस्ट करती हैं। कंगना ने कहा कि बिना मेहनत कामकाजी महिलाओं की नकल करने के कारण ये न तो पारिवारिक कर्तव्यों के लायक बची हैं और न ही किसी जिम्मेदारी के योग्य।


















