NEET UG 2026 Re-exam Paper Leak: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने शनिवार, 6 जून 2026 को सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों को पूरी तरह से “झूठा” और “फर्जी” बताकर खारिज कर दिया है, जिनमें नीट-यूजी 2026 की दोबारा होने वाली परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने या बेचे जाने की बात कही जा रही थी। इसके साथ ही परीक्षा नियामक संस्था ने ऐसी भ्रामक सामग्री फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी भी जारी की है।
गौरतलब है कि मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट-यूजी की री-टेस्ट परीक्षा आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली है। एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि विभिन्न मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर नीट-यूजी 2026 री-एग्जामिनेशन पेपर के लीक होने, समय से पहले मिलने या बिकने का दावा करने वाले संदेश केवल छात्रों और अभिभावकों को गुमराह करने के उद्देश्य से फैलाए जा रहे हैं।
एनटीए ने स्पष्ट किया कि इन दावों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है और यह पूरी तरह से धोखाधड़ी का प्रयास है। एनटीए के मुताबिक, इस तरह की झूठी सामग्री और संदेश “संगठित नकल रैकेट” द्वारा प्रसारित किए जा रहे हैं। यह रैकेट परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों और उनके परिवारों की घबराहट तथा चिंता का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। इस रैकेट का मुख्य उद्देश्य नकली प्रश्नपत्र बेचकर लोगों से पैसे वसूलना है। एजेंसी ने जोर देकर कहा कि इस समय इंटरनेट पर प्रसारित किया जा रहा ऐसा हर एक दावा पूरी तरह मनगढ़ंत और काल्पनिक है।
The National Testing Agency (NTA) has noted certain messages circulating on social media and messaging platforms claiming a “leak,” advance access, or “sale” of the NEET (UG) 2026 re-examination question paper.
संबंधित खबरेंThese claims are false, fraudulent, and intended to mislead.
Such…
— National Testing Agency (@NTA_Exams) June 6, 2026
परीक्षा की सुचिता और सुरक्षा पर बात करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने उम्मीदवारों को आश्वस्त किया है कि परीक्षा प्रक्रिया की अखंडता पूरी तरह से बरकरार है। सभी उम्मीदवारों के लिए निष्पक्ष और सुरक्षित माहौल में परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक सुरक्षा उपाय और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। छात्रों को किसी भी तरह की आशंका को मन में रखने की आवश्यकता नहीं है और वे पूरी तरह सुरक्षित व्यवस्था के तहत परीक्षा देंगे।
संस्था ने यह भी जानकारी दी कि वह सोशल मीडिया पर एक्टिव ऐसे आपत्तिजनक चैनलों, अकाउंट्स और भ्रामक सामग्री की सक्रियता से पहचान कर रही है। इन सभी की रिपोर्ट संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और साइबर क्राइम अथॉरिटी को तुरंत हटाने और उचित कार्रवाई के लिए भेजी जा रही है। इसके साथ ही एनटीए ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों और साइबर अपराध शाखा के पास एक औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई है।
एनटीए ने चेतावनी दी है कि इस तरह की धोखाधड़ी वाली सामग्री बनाना, उसे प्रसारित करना या आगे फॉरवर्ड करना और छात्रों के साथ धोखाधड़ी का प्रयास करना एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। इस कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के तहत बेहद सख्त कदम उठाए जाएंगे। एजेंसी ने उम्मीदवारों और अभिभावकों को विशेष सलाह दी है कि वे ऐसे किसी भी संदेश पर ध्यान न दें, इनके लिए कोई भुगतान न करें और न ही इन्हें आगे शेयर करें।
छात्रों से केवल आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करने की अपील करते हुए एजेंसी ने कहा कि सभी अभ्यर्थी केवल एनटीए की सत्यापित वेबसाइट और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से जारी सूचनाओं को ही सही मानें। एनटीए ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा में बैठने वाले हर उम्मीदवार से कहा है कि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा कि छात्रों की कड़ी मेहनत ही मायने रखती है और एनटीए एक निष्पक्ष, सुरक्षित और विश्वसनीय परीक्षा आयोजित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
याद दिला दें कि मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए इस साल 3 मई को नीट-यूजी की परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे, जिसके बाद पेपर लीक के आरोपों के बीच एनटीए ने 12 मई को इस परीक्षा को रद्द कर दिया था। वर्तमान में देश की केंद्रीय जांच एजेंसी इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।

















