Himachal Pride of Hills Grant 2026: हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार की ‘प्राइड ऑफ हिल्स’ योजना के तहत विशेष वित्तीय सहायता की पहली किश्त के रूप में 2395 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के बाद से राज्य लगातार गंभीर वित्तीय चुनौतियों और बजटीय दबाव का सामना कर रहा था। ऐसे संकटपूर्ण समय में केंद्र से मिली यह सहायता राशि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी का काम करेगी।
बता दें कि केंद्र सरकार ने राज्य के लिए कुल 3,920 करोड़ रुपये की विशेष वित्तीय सहायता मंजूर की थी। इसमें से पहली किश्त के रूप में 60 प्रतिशत राशि (2395 करोड़ रुपये) अनटाइड ग्रांट के तौर पर जारी कर दी गई है। अनटाइड ग्रांट होने के कारण राज्य सरकार इस बजट का उपयोग अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार विकास कार्यों को गति देने और दैनिक वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में स्वतंत्रता से कर सकेगी।

राजस्व घाटा अनुदान के तहत हिमाचल प्रदेश को शुरुआती वर्षों में 11 हजार करोड़ रुपये मिलते थे, जो धीरे-धीरे कम होकर अंतिम वर्ष में 3300 करोड़ रुपये रह गए थे। इसके बाद 16वें वित्त आयोग ने इस अनुदान को पूरी तरह बंद कर दिया। प्रदेश सरकार ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया था और इसे जारी रखने की मांग को लेकर विधानसभा में एक विशेष प्रस्ताव पारित करके केंद्र सरकार को भेजा भी था।
वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश पर वर्तमान में करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज हो चुका है। ऐसे समय में प्राइड ऑफ हिल्स पैकेज राज्य के लिए राहत का एक बड़ा स्रोत बनकर उभरा है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत 3920 करोड़ रुपये में से शेष 40 प्रतिशत राशि की दूसरी और अंतिम किश्त इसी वर्ष नवंबर महीने में जारी की जाएगी। यह बकाया राशि भी अनुदान के रूप में मिलेगी, जिससे राज्य की वित्तीय स्थिति को और अधिक मजबूती मिलेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जताया आभार
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश को ₹3920 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि स्पेशल असिस्टेंट टू स्टेट फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (SASCI) के तहत जारी यह राशि प्रदेश में पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) को बढ़ाएगी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी। इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि केंद्र द्वारा दी गई इस राशि का उपयोग केवल उन्हीं निर्धारित कार्यों के लिए किया जाए जिनके लिए यह स्वीकृत की गई है।
क्या है प्राइड ऑफ हिल्स योजना
‘प्राइड ऑफ हिल्स’ भारत सरकार की ‘राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता’ (SASCI) के अंतर्गत तैयार की गई एक विशिष्ट उप-योजना (Sub-scheme) है। यह योजना मुख्य रूप से देश के उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्यों के लिए डिजाइन की गई है ताकि इन क्षेत्रों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण उत्पन्न होने वाली विकास की बाधाओं को दूर किया जा सके। इस योजना का संचालन और कार्यान्वयन केंद्रीय वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा किया जा रहा है।


















