Himachal Police News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक और मामला सामने आया है, जहां ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस कर्मी के साथ मारपीट की गई। दरअसल, यह पूरा विवाद एक स्कूटी का चालान काटने से जुड़ा हुआ है। इस घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनके नाबालिग बेटे को डिटेन किया गया है।
जानकारी के अनुसार यह गंभीर घटना सिरमौर जिले के पांवटा साहिब उपमंडल के अंतर्गत आने वाले रामपुरघाट क्षेत्र की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौके पर तैनात पुलिस कर्मी ने एक स्कूटी को रोका जिसे एक नाबालिग लड़का चला रहा था। जांच के दौरान पाया गया कि नाबालिग बिना हेलमेट के वाहन चला रहा था और उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए पुलिस कर्मी ने स्कूटी का चालान काट दिया।

चालान काटने की प्रक्रिया शुरू होते ही स्कूटी सवार नाबालिग पुलिस कर्मी से उलझ गया और बहस करने लगा। इस दौरान स्कूटी के पीछे एक महिला सवार थी, जिसकी पहचान सविता के रूप में हुई है। वह पट्टीनथ्था, शिवपुर, पांवटा साहिब की रहने वाली है और रिश्ते में उस नाबालिग की मां है। बहस बढ़ने पर स्कूटी सवारों ने फोन करके अपने एक अन्य परिजन को मौके पर बुला लिया।
फोन कॉल के कुछ ही देर बाद महिला का पति एक कार में सवार होकर घटना स्थल पर पहुंचा। मौके पर पहुंचते ही वह व्यक्ति भी पुलिस कर्मी से उलझ पड़ा। इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई और पति-पत्नी ने मिलकर ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी की बेरहमी से पिटाई कर दी। सरेराह पुलिस कर्मी के साथ हुई इस मारपीट के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुरुवाला पुलिस थाने में मुख्य आरक्षी प्रदीप कुमार की शिकायत पर आधिकारिक मामला दर्ज किया गया है। प्रदीप कुमार ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया कि 13 जून की शाम को जब उन्होंने नियमों का उल्लंघन करने पर स्कूटी को रोका और चालान किया, तो स्कूटी सवार लोगों ने उनके साथ मारपीट की और सरकारी काम में बाधा उत्पन्न की।
मुख्य आरक्षी प्रदीप कुमार की शिकायत के आधार पर पुरुवाला थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी पति और पत्नी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। चूंकि वाहन चालक एक नाबालिग है, इसलिए उसे नियमों के मुताबिक पुलिस ने डिटेन किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात किसी भी सुरक्षाकर्मी के साथ दुर्व्यवहार या हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।
















