Cough Syrup Rules Changed: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने देश में दवाओं की बिक्री को लेकर एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। सरकार ने ड्रग्स संशोधन नियम, 2026 को आधिकारिक तौर पर अधिसूचित कर दिया है। इस नए संशोधन के तहत सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 की ‘शेड्यूल K’ के तहत मिलने वाली छूट की सूची से “सिरप” को पूरी तरह से बाहर कर दिया है। सरकार के इस कदम से सर्राफा और मेडिकल दोनों बाजारों से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम का सीधा और व्यापक असर अब देश में सिरप-बेस्ड दवाओं की बिक्री और उपलब्धता पर पड़ने जा रहा है। इस नए और महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव के बाद खांसी की दवाई (Cough Syrups) समेत सभी प्रकार की सिरप आधारित दवाएं अब ‘ओवर-द-काउंटर’ यानी ओटीसी श्रेणी में नहीं बेची जा सकेंगी। इसका सीधा मतलब यह है कि अब ग्राहकों को बिना डॉक्टर के पर्चे के ये दवाएं नहीं मिलेंगी।

अब यदि देश के किसी भी हिस्से में किसी मरीज को खांसी की दवाई या कोई अन्य सिरप आधारित दवा खरीदनी है, तो उसे अनिवार्य रूप से किसी रजिस्टर्ड डॉक्टर का वैध पर्चा (Prescription) दिखाना होगा। बिना डॉक्टर की पर्ची के कोई भी केमिस्ट, फार्मासिस्ट या मेडिकल स्टोर संचालक ग्राहकों को कफ सिरप या अन्य सिरप नहीं बेच सकेगा। सरकार ने कफ सिरप के बढ़ते दुरुपयोग को रोकने और सुरक्षा मानकों को पुख्ता करने के लिए यह सख्त कदम उठाया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह नया नियम 9 जून को जारी सरकारी नोटिफिकेशन के साथ ही राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से पूरे देश में तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। इस आदेश में साफ तौर पर स्पष्ट किया गया है कि ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) के साथ गहन विचार-विमर्श करने और आम जनता से प्राप्त सुझावों व आपत्तियों की विस्तृत समीक्षा करने के बाद ही सरकार ने यह फैसला लिया है।
इस बड़े फैसले का सीधा और दीर्घकालिक असर आम मरीजों, मेडिकल स्टोर्स और दवा निर्माता कंपनियों पर पड़ सकता है। नए नियमों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को भी सतर्क किया गया है। यदि कोई भी मेडिकल स्टोर संचालक बिना डॉक्टर के वैध पर्चे के कफ सिरप या अन्य सिरप आधारित दवाएं बेचते हुए पाया जाता है, तो ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के कड़े प्रावधानों के तहत उस पर तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह भी उल्लेखनीय है कि सरकार लगातार विभिन्न क्षेत्रों में नियम कड़े कर रही है, जैसा कि हाल ही में देखा गया जब सरकार ने फिर बढ़ाए सोने-चांदी के इंपोर्ट प्राइस, विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए उठाए कदम, 3 दिन पहले घटाए थे रेट। इस तरह के वित्तीय फैसलों के बीच अब स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी सरकार ने यह बड़ा विनियामक बदलाव लागू किया है, जिससे अब बिना मेडिकल प्रिसक्रिप्शन के सिरप की बिक्री पूरी तरह गैर-कानूनी हो गई है।
















