Sirmour News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के सैनधार क्षेत्र से चोरी की एक बड़ी और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां कोटला मोलर पंचायत के ददाहू क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध गणेश मंदिर को चोरों ने निशाना बनाया है। बुधवार रात को अंजाम दी गई इस वारदात में अज्ञात चोर मंदिर परिसर से भारी मात्रा में कीमती सामान और नकदी लेकर फरार हो गए। सुबह जब इस घटना की जानकारी ग्रामीणों को हुई, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चोरों ने बेहद शातिर और योजनाबद्ध तरीके से इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। मंदिर समिति की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, चोर मंदिर के गर्भगृह से करीब 18 किलोग्राम वजन की चांदी की पालकी चोरी कर ले गए हैं। इस विशाल चांदी की पालकी की अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई जा रही है। चांदी की इस पालकी के अलावा, चोर भगवान गणेश की मूर्ति के सोने के कुंडल और दानपात्र तथा अलमारी में रखी करीब 40 हजार रुपये की नकदी भी बटोर ले गए।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चोर पूरी तैयारी और पुख्ता योजना के साथ मंदिर परिसर में दाखिल हुए थे। पकड़े जाने के डर से बदमाशों ने सबसे पहले मंदिर परिसर और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को निशाना बनाया। चोरों ने सबसे पहले सीसीटीवी कैमरों के तार काट दिए। इसके बाद, पहचान उजागर न हो, इसलिए वे कैमरों की पूरी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने वाला डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) भी उखाड़कर अपने साथ ले गए।
सीसीटीवी को निष्क्रिय करने के बाद चोरों ने मंदिर के मुख्य द्वार और अंदर रखी अलमारी के मजबूत ताले तोड़े। ताले तोड़ने के बाद उन्होंने बड़ी आसानी से चांदी की भारी-भरकम पालकी, सोने के आभूषण और नकदी पर हाथ साफ किया। इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह ऐतिहासिक गणेश मंदिर गांव के बिल्कुल बीचोंबीच स्थित है। इसके बावजूद, देर रात को अंजाम दी गई इस बड़ी वारदात की भनक आसपास रहने वाले किसी भी स्थानीय व्यक्ति को नहीं लग सकी।
घटना का खुलासा वीरवार सुबह हुआ जब पुजारी और स्थानीय लोग हमेशा की तरह मंदिर के कपाट खोलने पहुंचे। मुख्य द्वार का ताला टूटा देख उनके होश उड़ गए। अंदर जाने पर भगवान की पालकी और आभूषण गायब मिले, जिसके बाद मंदिर समिति को तुरंत मामले से अवगत कराया गया। मंदिर समिति के प्रधान अर्जुन ठाकुर ने तुरंत इस गंभीर घटना की सूचना स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी।
चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत हरकत में आया और मौके पर पहुंच गया। मामले की संवेदनशीलता और इतनी बड़ी चोरी को देखते हुए पुलिस ने जांच को तेज करने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की विशेष टीमों को भी तुरंत मौके पर बुलाया। इन टीमों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य और उंगलियों के निशान सहित अन्य सबूत जुटाए हैं।
सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चिन्त सिंह नेगी ने इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि घटना दर्ज कर ली गई है। पुलिस की विशेष टीमें घटनास्थल और उसके आसपास के सभी संभावित क्षेत्रों में सुराग तलाशने में जुटी हैं। एसपी ने आश्वासन दिया है कि पुलिस मामले के हर तकनीकी और जमीनी पहलू की गहनता से जांच कर रही है और बहुत जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


















