Sirmour News: हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में संपन्न हुए पंचायती राज एवं नगर निकाय चुनावों के परिणामों और उसके बाद की प्रक्रिया को लेकर सूबे की सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने नाहन नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि नाहन नगर परिषद में जनता ने भाजपा के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने सत्ता के दबाव और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बल पर जनमत का खुलेआम अपमान किया है।
डॉ. बिंदल ने चुनावी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जिला सिरमौर के स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों में कांग्रेस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। स्थिति यह रही कि जिला परिषद चुनावों में कांग्रेस अपना एक भी उम्मीदवार का नामांकन तक दाखिल नहीं कर पाई। इसके अलावा, बीडीसी नाहन और बीडीसी पांवटा साहिब में भी कांग्रेस की स्थिति बेहद कमजोर और निराशाजनक रही। दूसरी ओर, नाहन विधानसभा क्षेत्र की तीनों जिला परिषद सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने शानदार विजय प्राप्त की, जिससे साफ था कि जनता का रुझान किस तरफ है।

नाहन नगर परिषद की लोकतांत्रिक स्थिति को स्पष्ट करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि परिषद के कुल 13 वार्डों में से 7 वार्डों में भाजपा समर्थित पार्षद विजयी हुए थे। बहुमत का यह आंकड़ा साफ तौर पर दर्शाता है कि नगर परिषद का नेतृत्व सौंपने के लिए जनता का फैसला पूरी तरह से भाजपा के पक्ष में था। डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि 17 मई को चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद नियमानुसार 25 मई से पहले ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव करा लिया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया गया।
भाजपा अध्यक्ष के अनुसार, कांग्रेस सरकार और स्थानीय विधायक के राजनीतिक दबाव में आकर प्रशासनिक तंत्र ने इस चुनाव प्रक्रिया को जानबूझकर एक महीने से अधिक समय तक लंबित रखा। उन्होंने कानूनी स्थिति को रेखांकित करते हुए कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा स्थानीय विधायक को मतदान का अधिकार न होने का फैसला दिए जाने के बावजूद, कांग्रेस के राजनीतिक दबाव में जनमत को प्रभावित करने का हर संभव प्रयास किया गया। इस दौरान विपक्षी पार्षदों को प्रभावित करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए गए।
डॉ. बिंदल ने अपनी पार्टी के पार्षदों की सराहना करते हुए कहा कि एक महीने से अधिक समय तक कांग्रेस ने हर प्रकार के राजनीतिक हथकंडे अपनाए, लेकिन भाजपा के सातों पार्षद अपने सिद्धांतों पर पूरी तरह अडिग रहे। उन्होंने एकजुटता दिखाते हुए भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में ही मतदान किया। इसके बावजूद, सरकारी मशीनरी और सत्ता के चरम दुरुपयोग के माध्यम से कांग्रेस को कृत्रिम रूप से बराबरी की स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया गया और अंततः लॉटरी (पर्ची प्रणाली) के माध्यम से अध्यक्ष पद का फैसला तय हुआ।
हालांकि, डॉ. बिंदल ने स्पष्ट किया कि उपाध्यक्ष पद पर भाजपा के प्रदीप कुमार की जीत ने यह पूरी तरह साबित कर दिया है कि वास्तविक जनमत आज भी भाजपा के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला केवल किसी एक पद को हासिल करने का नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर लोकतांत्रिक जनादेश के सम्मान की रक्षा का है। हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में इस घटनाक्रम को हमेशा याद रखा जाएगा कि किस प्रकार एक चुनी हुई सरकार ने जनता के फैसले को प्रभावित करने और उसे हाईजैक करने की कोशिश की।
अपने वक्तव्य के अंत में डॉ. राजीव बिंदल ने नाहन, सिरमौर और पूरे प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हालिया चुनाव परिणाम इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि जनता कांग्रेस की नीतियों को लगातार नकार रही है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी सिद्धांतों पर टिके रहने के लिए भाजपा के सभी सातों पार्षदों को बधाई दी और संकल्प जताया कि जनता के इसी विश्वास और कार्यकर्ताओं की मेहनत के बल पर पार्टी आगे भी जनसेवा और विकास कार्यों को मजबूती से जारी रखेगी।
















