Delhi Police Pellet Gun Claim: दिल्ली समेत देशभर में पेपर लीक के विरोध में CJP और छात्र संगठनों का प्रदर्शन लगातार जारी है। बीते दिन इस प्रदर्शन में संसद मार्च के दौरान पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियोज और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर दावा किया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन, शॉक बैटन और कील लगे डंडों का इस्तेमाल किया है। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने इन तमाम दावों को पूरी तरह से खारिज करते हुए फर्जी और भ्रामक करार दिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो का हवाला देते हुए ‘द हिंदू’ की रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रदर्शन में पैलेट गन से घायल हुए 25 वर्षीय शेख इरशाद मंसूरी का इलाज लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। इरशाद के शरीर पर बने घाव पैलेट गन की चोट से मिलते-जुलते हैं।

इरशाद के दोस्त के अनुसार, उन्हें कैनॉट प्लेस स्थित पालिका बाजार के पास रैपिड एक्शन फोर्स के एक जवान ने निशाना बनाया था। वहीं, प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने जब घायल के घावों का वीडियो राम मनोहर लोहिया अस्पताल और अन्य मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को दिखाया, तो डॉक्टरों ने भी यह चोट पैलेट गन से लगने का दावा किया।
इस पूरे मामले पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने वीडियो साझा करते हुए दिल्ली पुलिस पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आरोप लगाया। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस पोस्ट का त्वरित जवाब देते हुए इन दावों को पूरी तरह से नकार दिया। दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने की खबरें पूरी तरह से असत्य, गलत और भ्रामक हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी भी अफवाह या गलत जानकारी को सोशल मीडिया पर पोस्ट या फॉरवर्ड न करें।
क्या होता है पैलेट गन
पैलेट गन एक ऐसा हथियार है जिसमें से सीसे और स्टील के छोटे-छोटे छर्रे तेज रफ्तार से निकलते हैं। आमतौर पर इसे कम घातक मानकर दंगों में भीड़ नियंत्रण के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन बेहद करीब से लगने पर यह जानलेवा या गंभीर चोट का कारण बन सकता है।
पैलेट गन के अलावा, 21 जुलाई को सामने आए एक अन्य वीडियो में एक महिला प्रदर्शनकारी पर शॉक बैटन के इस्तेमाल का दावा किया गया है। शॉक बैटन एक ऐसा उपकरण है जिसके छूने से बिजली का झटका लगता है। इसके अतिरिक्त, ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस पर कील लगे डंडों से हमला करने का आरोप भी लगाया है।
विवाद सिर्फ हथियारों के इस्तेमाल तक ही सीमित नहीं है। सोशल मीडिया पर एक और वीडियो सामने आया है जिसमें नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा एक महिला को थप्पड़ मारते और धक्का देते दिख रहे हैं। अभिजीत दीपके का आरोप है कि यह वही पुलिस अधिकारी हैं जिन्होंने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि के साथ मारपीट की थी और उनके बाल खींचे थे।
फिलहाल, छात्र और सीजेपी कार्यकर्ता शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक मामले में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग पर अड़े हुए हैं।


















