Kullu News: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से एक बेहद दु:खद खबर सामने आई है, जहां अलग-अलग स्थानों पर नदी और नाले के तेज बहाव में बह जाने से दो लोगों की जान चली गई। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों शवों को बरामद कर लिया है। इस घटना के बाद से मृतकों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने दोनों मामलों में वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पहला मामला मणिकर्ण घाटी की पार्वती नदी का है। यहाँ पार्वती नदी के किनारे एक युवक का शव बहता हुआ मिला। मृतक की पहचान 25 वर्षीय देवेंद्र कुमार के रूप में हुई है, जो मणिकर्ण क्षेत्र के शांगणा गांव (डाकघर मणिकर्ण) का स्थायी निवासी था। परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार देवेंद्र कुमार बीते 23 जुलाई से अचानक लापता हो गया था। लापता होने के बाद से ही परिवार के सदस्य और रिश्तेदार उसकी हर जगह लगातार तलाश कर रहे थे।

रविवार को स्थानीय लोगों और प्रशासन द्वारा पार्वती नदी से शव बरामद किए जाने की सूचना जैसे ही परिजनों तक पहुंची, पूरे गांव में मातम छा गया। कई दिनों से जारी तलाश का ऐसा अंत देखकर परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
दूसरा मामला पर्यटन नगरी मनाली के ओल्ड मनाली इलाके का है। ओल्ड मनाली के पास बहने वाले मनालसू नाले में एक व्यक्ति का शव पानी में तैरता हुआ पाया गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद शव को नाले से बाहर निकाला। मृतक की पहचान मौसम दरनाल (पुत्र इच्छा राम) के रूप में हुई है।
मृतक मौसम दरनाल मूल रूप से नेपाल के झापा जिले के गांव शिंगशार, डाकघर सुरंगा का रहने वाला था। प्राप्त जानकारी के मुताबिक वह पिछले कुछ समय से ओल्ड मनाली क्षेत्र में ही किराए के मकान में रहकर सिलाई का काम करता था और अपनी आजीविका चला रहा था। मनालसू नाले में उसका शव मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
कुल्लू जिला पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल भेज दिया है। नियमानुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस प्रशासन दोनों घटनाओं के संदर्भ में सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर विस्तृत जांच कर रहा है कि दुर्घटनाएं किन परिस्थितियों में हुईं।
वहीं, मानसून के दौरान क्षेत्र में नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और अचानक तेज होने वाले बहाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों से भी अपील की है कि वे बरसात के इस मौसम में नदी, नालों और खड्डों के आसपास अनावश्यक रूप से बिल्कुल न जाएं और अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।


















