Solan News: सोलन जिले के कुमारहट्टी स्थित सुल्तानपुर में महर्षि मारकंडेश्वर यूनिवर्सिटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। बुधवार सुबह अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी ड्यूटी पर पहुंचते ही मुख्य प्रवेश द्वार पर एकत्र होकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
मानसिक उत्पीड़न और वेतन में देरी का आरोप
अस्पताल के मुख्य द्वार पर जारी इस प्रदर्शन में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं, जिनकी नियुक्ति ठेकेदार के माध्यम से की गई है। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले कुछ समय से उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। आउटसोर्स कर्मचारियों के अनुसार, न तो उन्हें समय पर वेतन का भुगतान किया जा रहा है और न ही काम का सुरक्षित माहौल प्रदान किया जा रहा है। उल्टे ठेकेदार द्वारा उन पर नौकरी छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। कर्मचारियों का दावा है कि प्रशासन उन्हें हटाकर नए कर्मचारियों की भर्ती करने की योजना बना रहा है।

10-12 वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों का शोषण: यूनियन
एमएमयू हॉस्पिटल एवं मेडिकल कॉलेज कर्मचारी यूनियन की अध्यक्ष उमा शर्मा ने इस स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ठेकेदार की आड़ लेकर पिछले 10 से 12 वर्षों से निरंतर सेवाएं दे रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रहा है।
उमा शर्मा के मुताबिक, कर्मचारियों को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जा रहा है, जो श्रम नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा, वर्तमान में लगभग 140 कर्मचारियों के अगस्त माह के वेतन का भुगतान रोक दिया गया है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि कुछ कर्मचारियों से दबाव बनाकर जबरन त्यागपत्र लिए गए हैं।
ठेकेदार ने दी सफाई, अनुबंध हुआ समाप्त
मामले को लेकर जब कर्मचारी सप्लाई का काम देखने वाले ठेकेदार धर्मेंद्र दहिया से संपर्क किया गया, तो उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर अपनी सफाई दी। धर्मेंद्र दहिया ने बताया कि अस्पताल प्रशासन के साथ उनका ठेका अनुबंध पिछले महीने ही समाप्त हो चुका है और कॉलेज प्रबंधन ने इसे आगे नवीनीकृत (रिन्यू) नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब कर्मचारियों की नियुक्ति, वेतन भुगतान और सेवा से जुड़े सभी कार्य नए ठेकेदार के अधीन देखे जाएंगे।
आंदोलन पर डटे सैकड़ों कर्मचारी
19 अगस्त को समाचार लिखे जाने तक सैकड़ों कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एमएमयू अस्पताल के मुख्य द्वार पर लगातार प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे थे। इस प्रदर्शन की विशेष बात यह रही कि इसमें बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी आगे आकर आवाज उठा रही थीं। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों में मुख्य रूप से लैब अटेंडेंट, सफाई कर्मचारी, वार्ड अटेंडेंट और अन्य चतुर्थ श्रेणी स्टाफ शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनके बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया जाता और नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।


















