Solan News: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के परवाणू क्षेत्र में शनिवार को हुई करीब दो घंटे की तेज बारिश ने एक बार फिर आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मूसलाधार बारिश के बाद क्षेत्र के कई इलाकों में जलभराव और भूस्खलन की गंभीर स्थिति पैदा हो गई। सड़कों पर भारी मात्रा में मलबा आने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है, वहीं टकसाल गांव को जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग भी पूरी तरह बंद हो चुका है।
स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। जानकारी के मुताबिक बारिश का सबसे ज्यादा असर सेक्टर-2 में देखने को मिला, जहां टकसाल रेलवे फाटक के पास सड़क पर जलभराव हो गया। इस दौरान कई वाहन पानी के तेज बहाव में फंस गए और कुछ वाहन पूरी तरह जलमग्न नजर आए। वहीं, टकसाल के शिवलोती मंदिर के पास स्थित नाले का पानी उफान पर आने से आसपास के कुछ औद्योगिक इकाइयों में घुस गया, जिससे वहां भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सेक्टर-5 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए मकानों के समीप बारिश का खासा असर देखा गया, जहां सुरक्षा डंगे को गंभीर नुकसान पहुंचा है। स्थानीय निवासियों ने चिंता जताते हुए आशंका व्यक्त की है कि यदि बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा, तो सेक्टर-4 में पूर्व में क्षतिग्रस्त हुआ सुरक्षा डंगा और अधिक कमजोर हो सकता है। यदि यह डंगा गिरता है, तो आसपास बने कई मकानों के लिए बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है।
मार्ग बंद होने के विषय में लोक निर्माण विभाग परवाणू के सहायक अभियंता शिव कुमार ने पुष्टि की है कि बारिश के कारण टकसाल गांव की ओर जाने वाला संपर्क मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। उन्होंने बताया कि विभाग की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जल्द से जल्द मार्ग को सुचारू करने का प्रयास किया जा रहा है।
दूसरी ओर, तेज बारिश के कारण सेब मंडी के समीप स्थित पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा। इस मलबे के कारण शिमला की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और उस हिस्से में यातायात को वन-वे कर दिया।
सेब मंडी के पास पहाड़ी से मलबा गिरने के चलते शिमला मार्ग पर वन-वे व्यवस्था लागू की गई है। यातायात को व्यवस्थित और नियंत्रित रखने के लिए चक्की मोड़ पर अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस की टीम स्थिति पर निरंतर निगरानी रख रही है ताकि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो।
हादसों का सिलसिला यहीं नहीं रुका; शिवालिक कैफे के पास, जहां कुछ दिन पहले ही बारिश के कारण सड़क का किनारा क्षतिग्रस्त हुआ था, शनिवार को एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे जा गिरा। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में ट्रक चालक पूरी तरह सुरक्षित है।
रेल यातायात पर भी बारिश का असर देखा गया। कालका-शिमला रेलवे लाइन पर कोटी के पास पहाड़ी से मलबा रेलवे ट्रैक पर आ गिरा। इस कारण रेल ट्रैक लगभग 20 से 25 मिनट तक बाधित रहा। हालांकि, बाद में मलबे को हटाकर ट्रैक को आवाजाही के लिए दोबारा खोल दिया गया। गनीमत यह रही कि इस दौरान किसी भी ट्रेन के प्रभावित होने की सूचना नहीं है।
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और पुलिस की टीमें सभी संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर रख रही हैं। अधिकारियों ने आम जनता और यात्रियों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान गैर जरूरी यात्रा करने से बचें तथा भूस्खलन और जलभराव वाले संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें।


















